ईपीएफओ की खाताधारकों को बड़ी चेतावनी: पीएफ बैलेंस पर साइबर ठगों की नजर, 'ओटीपी' मांगने वालों से रहें सावधान
Fake EPFO Website Identification: ईपीएफओ ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए सदस्यों से थिंक बिफोर यू क्लिक का संदेश दिया है। संग...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 13 Aug 2026 01:22:31 PM (IST)Updated Date: Thu, 13 Aug 2026 01:23:28 PM (IST)
HighLights
- गोपनीय जानकारी कभी नहीं मांगता संगठन
- फर्जी वेबसाइट और लिंक की ऐसे करें पहचान
- साइबर ठगी से बचने के जरूरी टिप्स
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के बढ़ते डिजिटल दायरे के बीच अब साइबर ठगों की नज़र जिले के लाखों नौकरीपेशा कर्मचारियों के पीएफ खातों पर टिक गई है। ऑनलाइन सेवाओं के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए जालसाज नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। इस गंभीर खतरे को देखते हुए ईपीएफओ ने अपने आधिकारिक प्लेटफार्म के जरिए ग्वालियर सहित देशभर के पीएफ खाताधारकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।
ईपीएफओ ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए सदस्यों से थिंक बिफोर यू क्लिक का संदेश दिया है। संगठन ने सख्त हिदायत दी है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका यूआरएल जरूर जांच लें, ताकि साइबर फ्रॉड से बचा जा सके।
ईपीएफओ कभी नहीं मांगता ये व्यक्तिगत जानकारियां
- ईपीएफओ कभी भी फोन काल, वाट्सएप, एसएमएस या ईमेल के जरिए ओटीपी नहीं मांगता।
- संगठन का कोई भी प्रतिनिधि कभी भी आपका लागिन पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल या पैन कार्ड की जानकारी फोन पर नहीं पूछता।
- यदि कोई व्यक्ति ईपीएफओ अधिकारी बनकर ऐसी गोपनीय जानकारी मांगता है, तो उसे तुरंत खारिज कर दें।
सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं यह जरूरी टिप्स
शहर के पीएफ खाताधारक अपने जीवनभर की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत और यूनिक पासवर्ड बनाएं तथा उसे समय-समय पर बदलते रहें। किसी भी संदिग्ध मैसेज, मैसेजिंग ऐप्स पर आए लिंक या फर्जी ईमेल से दूर रहें। यदि आपके साथ किसी प्रकार का संदिग्ध प्रयास होता है, तो इसकी सूचना तत्काल ईपीएफओ हेल्पडेस्क और स्थानीय साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को दें।
फर्जी लिंक और वेबसाइट्स की ऐसे करें पहचान
शहर के आईटी एक्सपर्ट्स और पुलिस के साइबर सेल के अनुसार, ठग अक्सर ईपीएफओ की मूल वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बना लेते हैं, स्पेलिंग की जांच करें। फर्जी लिंक में वेबसाइट के नाम की स्पेलिंग में मामूली बदलाव जैसे ईपीएफओ की जगह ईपीएफएफओ होता है। केवल आधिकारिक पोर्टल को प्रयोग करें। पीएफ बैलेंस देखने या क्लेम ट्रांसफर या विड्राल के लिए सिर्फ आधिकारिक ईपीएफओ पोर्टल का ही इस्तेमाल करें। यूएएन की गोपनीयता रखना जरूरी है। अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर और पासवर्ड किसी भी अनजान शख्स के साथ शेयर न करें।