रौनक लौटी... सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट से बढ़ी जेवरों की डिमांड, शादियों के सीजन में उमड़े खरीदार
सराफा कारोबारियों के अनुसार, कीमतों में प्रति दस ग्राम सोने पर आई कमी के बाद वे लोग सबसे ज्यादा बाजार पहुंच रहे हैं, जिनके घरों में आने वाले दिनों में...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 28 Jun 2026 03:54:37 PM (IST)Updated Date: Sun, 28 Jun 2026 03:55:07 PM (IST)
सराफा बाजार की एक दुकान पर ज्वेलरी पसंद करते लोग। नईदुनियाHighLights
- बाजारों में बढ़ी चहल-पहल
- मिडिल क्लास को राहत
- निवेशक भी सक्रिय
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। वैश्विक बाजारों में आए उतार-चढ़ाव के बाद ग्वालियर सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने अंचल के नागरिकों को बड़ी राहत दी है। पिछले कुछ दिनों से दाम कम होने के कारण सराफा बाजारों की चमक एक बार फिर लौट आई है। वर्तमान में शादियों का सीजन अपने चरम पर है, लेकिन कुछ दिन पहले तक आसमान छूती कीमतों के कारण बाजारों से रौनक गायब थी और लोग खरीदारी करने से कतरा रहे थे। मगर अब कीमतों में आई इस नरमी के बाद बाजारों में खरीदारों, खासकर शादी वाले परिवारों की आमद बढ़ी है।
महाराज बाड़ा और सराफा बाजार में बढ़ी रौनक
महाराज बाड़ा, मुरार सराफा बाजार जैसे प्रमुख आभूषण बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों की चहल-पहल देखी जा रही है। सराफा कारोबारियों के अनुसार, कीमतों में प्रति दस ग्राम सोने पर आई कमी के बाद वे लोग सबसे ज्यादा बाजार पहुंच रहे हैं, जिनके घरों में आने वाले दिनों में शादियां हैं। लोग न सिर्फ रेडीमेड आभूषणों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि अपनी पसंद के नए जेवर बनवाने के लिए एडवांस बुकिंग भी करा रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सहालग के इस दौर में सोने-चांदी के दाम कम होना ग्राहकों के लिए किसी बड़े अवसर से कम नहीं है। जो मध्यवर्गीय परिवार पहले बजट के कारण कम वजन के जेवर खरीदने की योजना बना रहे थे, वे अब दामों में आई कमी का फायदा उठाकर खुलकर खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में इस समय पारंपरिक राजपूती ज्वेलरी, एंटीक आभूषण और हल्के वजन के फैंसी सेटों की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है।
निवेशकों का भी बढ़ा रुझान
दामों में आई इस अस्थाई गिरावट का फायदा सिर्फ शादी-ब्याह वाले परिवार ही नहीं, बल्कि शुद्ध रूप से निवेश करने वाले लोग भी उठा रहे हैं। बाजार में सोने के सिक्कों और बिस्कुट की मांग भी अचानक तेज हो गई है। कारोबारियों का अनुमान है कि यदि कीमतें अगले एक हफ्ते तक इसी स्तर पर स्थिर रहती हैं, तो ग्वालियर-चंबल अंचल में सराफा कारोबार अच्छा होगा।
क्या कहते हैं कारोबारी
पिछले कुछ हफ्तों में सोने के दाम रिकार्ड स्तर पर पहुंच गए थे, जिससे सहालग होने के बावजूद बाजार कमजोर था। लोग सिर्फ बहुत जरूरी होने पर ही आभूषण खरीद रहे थे। लेकिन पिछले तीन-चार दिनों में कीमतों में जो सुधार हुआ है, उसने ग्राहकों का भरोसा दोबारा जगाया है। - पुरुषोत्तम जैन, अध्यक्ष, सराफा एसोसिएशन