ग्वालियर के पोहा को मिलेगी देशभर में पहचान, कृषि विश्वविद्यालय में शुरू हुई सेंट्रल प्रोसेसिंग लाइन
Gwalior News: सीएआईई में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट तैयार की गई है। नाबार्ड योजना के तहत कृषि विश्वविद्यालय को सात करो...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 23 Aug 2026 02:48:45 PM (IST)Updated Date: Sun, 23 Aug 2026 02:49:12 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्र।HighLights
- 2 करोड़ रुपये से तैयार हुई फूड प्रोसेसिंग यूनिट
- पोहा से लेकर केचअप और मसालों तक की होगी प्रोसेसिंग
- आइडिया से लेकर मार्केटिंग तक विशेषज्ञों की मदद
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। इंदौरी पोहा की तरह अब ग्वालियर के पोहा को भी देशभर में पहचान दिलाने की तैयारी है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कृषि कॉलेज परिसर स्थित सेंटर फार एग्रीकल्चर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीएआईई) में सेंट्रल प्रोसेसिंग लाइन (सीपीएल) शुरू की गई है। इसका उद्देश्य ग्वालियर-चंबल अंचल के स्थानीय कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर उन्हें बड़े बाजार तक पहुंचाना है।
सीएआईई में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट तैयार की गई है। नाबार्ड योजना के तहत कृषि विश्वविद्यालय को सात करोड़ रुपये की राशि मिली है। इस राशि से पोहा प्रोसेसिंग यूनिट के साथ नमकीन प्रोसेसिंग यूनिट, टमाटर प्यूरी व केचअप यूनिट, क्रायोजेनिक स्पाइस पल्वराइजर और कोल्ड प्रेस ऑयल यूनिट स्थापित की गई हैं।
आइडिया से बाजार तक विशेषज्ञ करेंगे मदद
सीएआईई के नोडल अधिकारी डॉ. यज्ञदेव मिश्रा ने बताया कि फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक युवा यहां विशेषज्ञों से अपने आइडिया पर सलाह ले सकेंगे। उत्पाद के अनुसार मशीन की बुकिंग कर प्रोसेसिंग और उत्पादन शुरू किया जा सकेगा। केंद्र की टीम उत्पादन प्रक्रिया के साथ उत्पाद को बाजार में लॉन्च करने तक मार्गदर्शन देगी।
नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनेंगे युवा
कुलगुरु प्रो. एके शुक्ला ने कहा कि यह पहल ग्वालियर-चंबल अंचल के युवाओं और कृषि छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आइडिया से प्रोडक्शन और प्रोडक्शन से मार्केट तक की पूरी श्रृंखला उपलब्ध होने से रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बनेंगे। युवा पोहा, नमकीन, प्यूरी और मसालों से जुड़े स्टार्टअप शुरू कर सकेंगे। इससे स्थानीय कृषि उत्पादों को ब्रांड के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी।