
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। अमेरिका कोर्ट द्वारा शुक्रवार देर रात ट्रंप द्वारा लगाए टैरिफ को खारिज कर दिया। इस फैसले के आने के बाद ट्रंप ने फैसले में विदेशी ताकतों का हाथ बताया और कहा की टैरिफ उनके विशेष अधिकार हैं और अब वह 10 फीसद अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे।
साथ ही साथ उन्होंने उनके कार्यकाल में शेयर मार्केट में अच्छी तेजी है और कहा कि उनकी अमेरिका फर्स्ट नीति जारी रहेगी और इसमें जो भी सामने आएगा, उसे कुचल दिया जाएगा। अतिरिक्त टैरिफ को मंगलवार से लागू करने की बात भी कर रहे हैं।
नतीजा यह हुआ कि अंतरराष्ट्रीय और भारतीय वायदा मार्केट बंद होने के बावजूद सोने और चांदी में अफलातून तेजी देखने को मिली। देर रात कामेक्स पर सोना 77 डालर उछलकर 5103 डालर प्रति औंस और चांदी वायदा 397 सेंट बढ़कर 84.50 डालर प्रति औंस पर बंद हुई। इसके बाद भी भारी तेजी का वातावरण बना रहा।
इसका असर शनिवार को भारतीय बाजारों में हाजिर पर देखने को मिला। इंदौर में सोना केडबरी 2000 रुपये उछलकर 157100 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी चौरसा 11000 रुपये उछलकर 257000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।
मजबूत ग्लोबल डिमांड और सेफ-हेवन अप्रोच ने सोने-चांदी की कीमतों उछाल है। सोना भारतीय कंज्यूमर्स के लिए एक बड़ा इन्वेस्टमेंट का जरिया है, सिर्फ ज्वेलरी के लिए ही नहीं, बल्कि शादी और त्योहारों के सीजन में भी, चांदी पर इंडस्ट्रियल डिमांड और इन्वेस्टमेंट का भी असर पड़ रहा है।
सोना केडबरी रवा नकद में 157100 सोना आरटीजीएस में 156400 (जीएसटी अतिरिक्त), सोना 22 कैरेट 143300 रुपये प्रति दस ग्राम (जीएसटी अतिरिक्त) है।
शुक्रवार को सोना 155100 रुपये पर बंद हुआ। चांदी चौरसा 257000, चांदी आरटीजीएस 260000 चांदी टंच 257500 रुपये प्रति किलो और चांदी सिक्का 2700 रु. प्रति नग बिका। शुक्रवार को चांदी 246000 रु. पर बंद हुई थी।

ग्वालियर में चांदी की चमक फिर से बढ़ने लगी है। यानी चांदी के भावों में फिर से पंख लगना शुरू हो गए। शनिवार को ग्वालियर के सराफा बाजार में चांदी दो लाख 61 हजार रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गई। हालांकि पहले चांदी चार लाख रुपये प्रतिकिलो के भाव तक पहुंच चुकी है।
ऐसे में कारोबारियों का कहना है चांदी के भावों में आगामी दिनों में और बढ़ोतरी हो सकती है।सराफा कारोबारी गौरव गोयल के मुताबिक चांदी के भावों को अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम प्रभावित कर रहे हैं।
जब अमेरिका से ट्रेड डील हुई थी तो चांदी के भावों में गिरावट आई थी। लेकिन अब ट्रंप टैरिफ के खिलाफ कोर्ट के निर्णय आने के बाद चांदी के भावों ने फिर से रफ्तार पकड़ना शुरू कर दिया है।
वहीं वित्तीय विश्लेषकों का कहना है चांदी में निवेश करने के लिए अभी समय काफी संवदेनशील है। ऐसे में चांदी में निवेश करते समय सावधानी बरतें।