

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। अंबिकापुर-पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग पर खरसिया चौक से दरिमा मोड़ तक की सड़क पूरी तरह खस्ताहाल हो चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और बारिश के कारण उनमें पानी भर गया है। वाहन चालकों को यह समझ नहीं आ रहा कि सड़क कहां है? गड्ढों में भरे पानी के कारण चालक भ्रमित हो रहे हैं। दोपहिया के साथ ऑटो और ई-रिक्शा अक्सर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। सड़क की बदहाली को लेकर आमजन को हो रही परेशानी से नाराज सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रविवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।
सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश राम बुनकर अपने साथियों अंकुर सिन्हा, राजेंद्र बहादुर सिंह तथा अन्य के साथ खरसिया चौक से दरिमा मोड़ तक पहुंचे। विरोध का तरीका बिल्कुल अलग था। सुरेश राम बुनकर सड़क पर बने गड्ढे में जमा गंदे पानी में बैठ गए और उसी पानी से स्नान कर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सड़क के नवनिर्माण की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस जर्जर सड़क पर रोजाना दोपहिया, ऑटो और ई-रिक्शा दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। बारिश में गड्ढे पानी से भर जाने के कारण चालकों को सड़क दिखती ही नहीं और भ्रम की स्थिति बन जाती है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले दो साल से यही स्थिति है। सांसद, विधायक और महापौर हर बार बारिश में आश्वासन देते हैं कि टेंडर हो चुका है, जल्द सड़क बनेगी। पिछले साल भी इसी मुद्दे पर विरोध हुआ था। आरोप है कि सड़क मरम्मत के नाम पर लगभग दो करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन वह राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। बारिश होते ही सड़क फिर से टूट गई और अब सिर्फ गड्ढे ही नजर आ रहे हैं।
पिछले दिनों सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने सड़क का निरीक्षण किया था। तब राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि केंद्र स्तर से दरिमा मोड़ से रेलवे स्टेशन मोड़ तक सड़क नवनिर्माण की मंजूरी और टेंडर हो चुका है। लेकिन निरीक्षण के बाद भी आमजन की परेशानी दूर करने कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने मरम्मत के नाम पर बड़े-बड़े बोल्डर डाल दिए हैं, जिससे छोटे-बड़े सभी वाहनों को निकलने में दिक्कत हो रही है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सांसद ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर कलेक्टर को भेजने की बात कही थी, लेकिन उसके बाद भी स्थिति जस की तस है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना था कि सांसद श्रेय लेने की राजनीति कर रहे हैं लेकिन धरातल पर स्थिति उलट है। सांसद इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर यह बताने का प्रयास करते हैं कि जनता की तकलीफों को दूर करने वे प्रयासरत हैं लेकिन सच्चाई एकदम उलट है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क नहीं बनी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अंबिकापुर-पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग पर खरसिया चौक से दरिमा मोड़ तक हर साल सड़क के गड्ढे में तब्दील हो जाने के कारण सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण न होना मुख्य कारण है। सड़क के एक ओर से खेतों का पानी तेजी से सड़क पर आता है। यह पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। दूसरी ओर जाने के लिए कोई नाला ही नहीं बना है। सड़क पर पानी जमा रहने के कारण यह लगातार टूटती जाती है और बड़े-बड़े गड्ढे बन जा रहे हैं। इन गड्ढों में बारिश का पानी भरा रहता है। आसपास के दुकानदार और घरों में रहने वाले लोग भी बारिश के पानी के कारण बेहद परेशान रहते हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता आरडी ताम्रे ने बताया कि लुचकी घाट से खरसिया नाका चौक तक तथा गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक सीसी रोड का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण कार्य के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था के लिए भी आवश्यक कार्य किए जाएंगे, जिससे बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव की समस्या को प्रभावी रूप से दूर किया जा सके।
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लुचकी घाट से खरसिया नाका चौक, रेलवे स्टेशन एवं सीतापुर के शहरी क्षेत्र को शामिल करते हुए नवीन सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है। इस कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है तथा निर्माण कार्य मेसर्स जवाहरलाल गुप्ता, ठेकेदार, अंबिकापुर को प्राप्त हुआ है।