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बालोद में गड़बड़झाला उजागर, बिना अनुमति काट डाले 28 हरे-भरे पेड़

जानकारी मिलते ही मौके पर बीईओ, पटवारी सहित अन्य अधिकारी पहुचे, और मामले की जांच की। मामले में अधिकारियों का कहना है कि पेड़ों की अवैध कटाई तो हुई है, ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 09:04:57 PM (IST)Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 09:10:47 PM (IST)
बालोद में गड़बड़झाला उजागर, बिना अनुमति काट डाले 28 हरे-भरे पेड़
पेड़ो को काटकर प्री मैट्रिक बालक आश्रम में रखा गया।

HighLights

  1. बिना अनुमति स्कूल में काटे 28 पेड़
  2. मौके पर पहुंचकर बीईओ, पटवारी
  3. सहित अन्य अधिकारियों ने की जांच

नईदुनिया न्यूज, बालोद। बालोद जिले के गुरुर ब्लाक के अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला बड़भूम में 28 हरे-भरे पेड़ों को बिना विभागीय अनुमति काटकर बेच दिए जाने का मामला सामने आया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाला परिसर में वर्षों से लगे करीब 28 पेड़ों को मशीनों की सहायता से काट दिया गया।

पेड़ों की कटाई के लिए न तो वन विभाग से आवश्यक अनुमति ली गई और न ही शिक्षा विभाग के सक्षम अधिकारी से स्वीकृति प्राप्त की गई।

इतना ही नहीं, कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को प्री-मैट्रिक बालक आश्रम बड़भूम को बेच दिए जाने की भी जानकारी सामने आ रही है।

जानकारी मिलते ही मौके पर बीईओ, पटवारी सहित अन्य अधिकारी पहुचे, और मामले की जांच की। मामले में अधिकारियों का कहना है कि पेड़ों की अवैध कटाई तो हुई है, सारा स्टाफ दोषी है।

लेकिन हेडमास्टर के निलंबन का अधिकार उनके पास नहीं है। इसलिए प्रस्ताव बनाकर सक्षम अधिकारी के पास भेजा जा रहा है।

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स्कूल परिसर में कटे पेड़ो की जांच करते हुए बीईओ, पटवारी एवं अन्य अधिकारी

डालियां काटने का था प्रस्ताव

  • मिली जानकारी के अनुसार, शाला प्रबंधन समिति द्वारा पारित प्रस्ताव में केवल पेड़ों की सूखी अथवा खतरनाक डालियों (डंगाल) की छंटाई करने की बात कही गई थी, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा बनी रहे।
  • इस प्रस्ताव की आड़ में पूरे के पूरे पेड़ काट दिए गए।
  • सरकारी परिसर में लगे पेड़ शासकीय संपत्ति माने जाते हैं। ऐसे पेड़ों की कटाई एवं उनके निस्तारण के लिए निर्धारित नियमों के तहत सक्षम अधिकारियों की अनुमति और विधिवत प्रक्रिया अपनाना अनिवार्य होता है।
  • मामले में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच शिक्षा विभाग, वन विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से कराई जानी चाहिए। संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

बिना अनुमति पेड़ो की अवैध कटाई की गई है, जांच रिपोर्ट तैयार किया जा रहा है, प्राचार्य सहित शिक्षकगण भी दोषी है, चूंकि हेडमास्टर को निलंबन का अधिकार जेडी दुर्ग को है, प्रस्ताव बनाया जा रहा है, बाकियों की भी जिम्मेदारी तय होगी।

ललित चन्द्राकर, बीईओ, गुरुर