
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में रहने वाली ग्रामीण आबादी के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। लोक निर्माण विभाग (सेतु) जगदलपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले चार प्रमुख जिलों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 13 नए पुल-पुलियों का निर्माण कराया जाएगा।
मानसून के दौरान नदी-नालों में उफान आने के कारण अक्सर अंदरूनी गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों और जिला मुख्यालयों से पूरी तरह टूट जाता है। इन पुलों के बन जाने से यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी और ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार व दैनिक आवाजाही में सीधी सुविधा मिलेगी।

बस्तर संभाग का एक बड़ा हिस्सा भौगोलिक दृष्टि से बेहद जटिल है। बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ते ही मरीजों को अस्पताल ले जाने और बच्चों को स्कूल पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन भौगोलिक बाधाओं को दूर करने के लिए स्वीकृत किए गए 13 पुलों में से सबसे अधिक 5 पुल अकेले बीजापुर जिले में निर्मित होंगे। इसके अलावा, बस्तर जिले में 3, सुकमा में 3 और दंतेवाड़ा में 2 पुल बनाए जाने की योजना है।
यह नई अधोसंरचना ग्रामीणों के लिए केवल आवागमन का माध्यम नहीं होगी, बल्कि सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक सुविधाओं और विकास की मुख्यधारा तक उनकी पहुंच को भी सुनिश्चित करेगी।
स्वीकृत योजनाओं के बीच निर्माण कार्यों की गति को लेकर प्रशासनिक सख्ती भी देखने को मिल रही है। लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता करण पंदरीला ने बस्तर जिले के बिन्ता-सतसपुर से धर्माबेड़ा एवं खड़कघाट में चल रहे पुल निर्माण की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने और इसे जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे अंदरूनी जिलों में मजबूत सड़क और पुल नेटवर्क का निर्माण क्षेत्रीय विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से स्थानीय स्तर पर व्यापार, रोजगार और कृषि उपज को बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और शैक्षणिक संसाधन भी अब ग्रामीणों की पहुंच में आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।