इंस्टाग्राम-वाटसएप लिंक से जुड़कर 16.66 लाख की ठगी, भिलाई में शेयर मार्केट में निवेश का दिया झांसा
शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच दिया गया और अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराकर कुल 16.66 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली गई। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 13 Apr 2026 09:23:14 PM (IST)Updated Date: Mon, 13 Apr 2026 09:27:27 PM (IST)
साइबर क्राइम।HighLights
- संदेह होने पर उन्होंने लेन-देन बंद कर दिया, लेकिन पैसे वापस नहीं मिले।
- इसके बाद प्रार्थी ने साइबर टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
- पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।
नईदुनिया प्रतिनिधि,भिलाई। भिलाई निवासी एक इंजीनियर को सोशल मीडिया के जरिए “वीआईपी एग्जीक्यूटिव सर्विस” में जोड़कर शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच दिया गया और अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराकर कुल 16.66 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली गई।
मामले में पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराते हुए थाने में एफआईआर की मांग। इस पर वैशालीनगर पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
प्रकरण के मुताबिक शांति नगर भिलाई निवासी प्रार्थी राजनारायण पाण्डेय (46 वर्ष) मुंबई स्थित एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। प्रार्थी के मुताबिक उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लिंक भेजा गया।
इसमें “एबीएसएलएचएनओडबल्यू” नामक कंपनी के जरिए वीआईपी एग्जीक्यूटिव सर्विस से जुड़ने का प्रस्ताव दिया गया था। 2 जनवरी 2026 को वे वाटसएप ग्रुप से जुड़े, जहां ग्रुप एडमिन “दिया मेहरा” ने उन्हें एक एप के माध्यम से शेयर मार्केट में निवेश करने पर अधिक लाभ मिलने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद प्रार्थी ने अलग-अलग तारीखों में यूपीआई, नेट बैंकिंग और आरटीजीएस के माध्यम से विभिन्न व्यक्तियों एवं खातों में रकम ट्रांसफर की। इनमें छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन से लेकर बड़ी राशि (न्यूनतम पांच हजार रुपये से अधिकतम एक लाख रुपये ) तक शामिल हैं। कुल मिलाकर प्रार्थी से 16,66,000 रुपए की राशि जमा कराई गई।
प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि जब वह दो मार्च 2026 को अपनी निवेश राशि निकालने की कोशिश की, तो उनसे और पैसे जमा करने के लिए कहा गया।
संदेह होने पर उन्होंने लेन-देन बंद कर दिया, लेकिन तब तक उनके पैसे वापस नहीं मिले। इसके बाद प्रार्थी ने साइबर टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत पर पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।