भिलाई में जमानत लेने कोर्ट पहुंचे करोड़ों की ठगी के आरोपित को पीड़ितों ने पकड़ा सुपेला पुलिस के हवाले किया
पीड़ितों का आरोप है कि योगेश साहू ने स्वयं को चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बताकर शेयर मार्केट, फॉरेक्स ट्रेडिंग और गोल्ड ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 100 ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 08 Jul 2026 09:58:11 PM (IST)Updated Date: Wed, 08 Jul 2026 10:05:13 PM (IST)
आरोपी को पुलिस के हवाले किया गया।HighLights
- आरोपित ने पहचान छुपाने मुंह में मास्क और सिर में पहन रखा था टोपी
- पकड़े जाने की सूचना मिलते ही थाना परिसर में सैकड़ों लोग पहुंच गए।
- पीड़ित की एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
नईदुनिया प्रतिनिधि,भिलाई। भिलाई में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी के आरोपित योगेश साहू को बुधवार को दुर्ग न्यायालय परिसर में जमानत के लिए पहुंचे।
इस दौरान पीड़ितों ने पहचानकर उसे पकड़ लिया और सुपेला पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपित ने पहचान छुपाने के लिए मुंह पर मास्क और सिर पर टोपी पहन रखा था।
निवेश पर हर माह 10 प्रतिशत मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने के आरोपित योगेश साहू बुधवार दोपहर करीब 12 बजे जमानत लेने के लिए जिला न्यायालय पहुंचा। न्यायालय परिसर में मौजूद एक शख्स ने आरोपित के पहुंचने की जानकारी अपने परीचित के एक पीड़ित व्यक्ति को दी।
जानकारी मिलने के बाद ठगी का शिकार हुए करीब दो दर्जन से अधिक पीड़ित जिला न्यायालय पहुंचे। सुपेला पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है।
पीड़ितों का आरोप है कि योगेश साहू ने स्वयं को चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बताकर शेयर मार्केट, फॉरेक्स ट्रेडिंग और गोल्ड ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 100 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए।
शुरुआत में कुछ महीनों तक तय लाभांश देकर लोगों का भरोसा जीता, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया और रकम लौटाने से इंकार करने लगा।
सुपेला थाना पहुंचे पीड़ित
- आरोपित के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही सुपेला थाना परिसर में सैकड़ों लोग पहुंच गए। इनमें करीब 30 नए पीड़ित भी शामिल थे।
- सभी ने प्रत्येक पीड़ित की अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों के मुताबिक योगेश साहू का कार्यालय भिलाई के स्मृति नगर, सड़क क्रमांक-24 में संचालित होता था।
- वह ऐरिना कैपिटल, योगेश टैग अकाउंटिंग और टैग अकाउंटिंग के नाम से काम करता था।
- कंपनी में उसकी पत्नी मेघा साहू, मैनेजर गौरव सनान, शिखा सनान और अरुण सरकार के कार्यरत होने का भी आरोप लगाया गया है।
- गौरव और शिखा का एक कार्यालय दुर्ग के बोरसी क्षेत्र में भी संचालित होने की बात कही गई है।
नवंबर में हुई पहली एफआईआर
- योगेश साहू के खिलाफ पहली एफआईआर 29 नवंबर को विवेक सिंह की शिकायत पर दर्ज हुई थी। शिकायत के साथ करीब 40 अन्य पीड़ितों के आवेदन भी संलग्न किए गए थे।
- बताया जा रहा है कि उसी मामले में जमानत के लिए वह कोर्ट पहुंचा था।
- पीड़ितों का कहना है कि योगेश साहू का पैतृक गांव पाटन क्षेत्र का खम्हरिया है, जबकि वह उतई का निवासी है।
- उनके अनुसार पाटन, उतई और हथखोज पारा सहित कई स्थानों पर उसकी जमीन और मकान हैं।
- दुर्ग के पामवुड विला में भी संपत्ति होने का दावा किया गया है।
ससुर पर धमकी देने का आरोप
- शिकायतकर्ता विवेक सिंह ने आरोप लगाया कि योगेश साहू के ससुर, जो कथित रूप से दुर्ग जिले में हवलदार हैं, ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है।
- उन्होंने इस संबंध में अलग से शिकायत करने की बात कही है।
- पीड़ितों के मुताबिक इस कथित ठगी का शिकार शासकीय कर्मचारी, निजी कंपनी के कर्मचारी, व्यापारी, किसान और युवा हुए हैं।
- कई लोगों ने खेत बेचकर, बैंक से ऋण लेकर या संपत्ति गिरवी रखकर निवेश किया था।
- पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि योगेश साहू का भाई ज्ञान प्रकाश भी अन्य ठगी के मामलों में आरोपी है।
"मामले में पहले से ही केस दर्ज है। बुधवार को कुछ लोग सुपेला थाना आए थे। पीड़ितों का आवेदन लिया गया है। परीक्षण कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।"
सत्य प्रकाश तिवारी, सीएसपी