
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: गांव-कस्बों में जमीन के अधिकार और जरूरतमंदों की मदद को लेकर जमीनी स्तर पर सेवा सेतु अभियान तेज हो गया है। जिले के 10 हजार परिवारों को भूमि का कानूनी मालिकाना हक दिलाने स्वामित्व कार्ड वितरित किए जाएंगे।
कलेक्टर ने मैदानी अमले को निर्देश दिए हैं कि कागजी औपचारिकताएं छोड़ अधिकारी गांव-गांव पहुंचें और पात्र परिवारों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करें। जिले के ग्रामीण और कस्बाई अंचलों में वंचित वर्गों की पहचान के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
अब तक 350 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर मुख्यधारा से जोड़ा गया है, जबकि चिन्हांकित 800 अन्य पात्र दिव्यांगों को जल्द आधुनिक उपकरण सौंपे जाएंगे। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि योजनाओं का दायरा केवल प्रचार तक सीमित न रहे।
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास पूरा कराने अगली किश्त सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है। वीबी रामजी योजना के अंतर्गत गांवों में बुनियादी ढांचे के 3000 विकास कार्य स्वीकृत कर काम शुरू कराया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा और आंगनबाड़ी केंद्रों की जमीनी स्थिति सुधारने के साथ ही देहदान और वस्त्रदान जैसी मानवीय पहलों से आमजन को जोड़ा जा रहा है।
गणेश विसर्जन के बाद अरपा नदी के सभी प्रमुख घाटों पर जनभागीदारी से व्यापक स्वच्छता अभियान चलेगा। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर वीरेंद्र पंचभाई और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल मौजूद रहे।
मस्तूरी क्षेत्र के बुढ़ीखार गांव में ग्रामीणों ने अनोखी नजीर पेश की है। सरकारी मदद का इंतजार किए बिना ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से स्कूल में नया भवन खड़ा कर दिया और पूरे परिसर को संवारा। बिलासपुर के विभिन्न सरकारी स्कूलों को जनसहयोग से 700 से अधिक स्मार्ट टीवी भी मिले हैं। इस जनभागीदारी को प्रशासन सम्मानित करेगा।
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गणेश विसर्जन पर्व के ठीक बाद अरपा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रशासन और स्थानीय नागरिक मिलकर घाटों पर उतरेंगे। सभी प्रमुख विसर्जन स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाकर नदी की स्वच्छता बरकरार रखी जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पर्व के दौरान जलस्रोतों में कचरा प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था रहे।
हमारा सीधा लक्ष्य है कि योजनाएं सिर्फ फाइलों में न रहें, बल्कि जमीन पर हर पात्र परिवार तक पहुंचे। फील्ड स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि 10 हजार परिवारों को मालिकाना हक और दिव्यांगों को जरूरी उपकरण समय पर मिल सकें। संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर