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केंवची-रतनपुर मार्ग पर हादसा: ब्रेकडाउन ट्रेलर से टकराया ट्रक, लगा लंबा जाम

केंवची-रतनपुर मार्ग पर एनएच-45 के निर्माण के दौरान खड़े ट्रेलर से ट्रक की टक्कर हो गई, जिससे लंबा जाम लग गया। मार्ग पर अनूपपुर खदान से ओवरलोड कोयला वा...और पढ़ें

By Devendra GuptaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Mon, 17 Aug 2026 08:19:56 AM (IST)Updated Date: Mon, 17 Aug 2026 08:19:56 AM (IST)
केंवची-रतनपुर मार्ग पर हादसा: ब्रेकडाउन ट्रेलर से टकराया ट्रक, लगा लंबा जाम
दुर्घटना की वजह से कतार से खड़े भारी वाहन

HighLights

  1. निर्माणाधीन एनएच-45 पर दुर्घटना के बाद यातायात हुआ प्रभावित।
  2. क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों से सड़क हो रही खराब।
  3. निर्माणाधीन सड़क पर भारी वाहनों के दबाव से निर्माण कार्य प्रभावित।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: केंवची-रतनपुर मार्ग पर कोयला लदे भारी वाहनों की लगातार बढ़ती आवाजाही अब निर्माणाधीन सड़क के साथ यातायात व्यवस्था के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है। रविवार सुबह इसी मार्ग पर खड़े एक ब्रेकडाउन ट्रेलर से पीछे से आ रहा ट्रक टकरा गया। हादसे के बाद सड़क पर जाम लग गया और काफी देर तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। मार्ग पर पहले से ही बड़ी संख्या में भारी और ओवरलोड वाहन दौड़ रहे हैं। ऐसे में दुर्घटना के बाद जाम की स्थिति ने यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

केंवची से रतनपुर तक बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर अनूपपुर की आमाडांड खुली खदान से कोयला परिवहन करने वाले ओवरलोड वाहनों के फर्राटा भरने का सिलसिला जारी है। ब्रेकडाउन ट्रेलर से ट्रक की टक्कर के बाद मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई।


कोयला लदे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण जाम में फंसे वाहनों की संख्या बढ़ती चली गई। निर्माणाधीन सड़क पर भारी वाहनों का दबाव पहले से बना हुआ है। ऐसे में इस तरह की दुर्घटनाओं से आवागमन प्रभावित होने की स्थिति और गंभीर हो जाती है। लगातार भारी वाहनों के गुजरने से मार्ग के कई हिस्सों में सड़क की सतह भी प्रभावित हो रही है।

निर्माणाधीन सड़क पर ओवरलोड वाहनों के दबाव का असर मिट्टी और जीएसबी स्तर के काम पर भी पड़ रहा है। सड़क तैयार करने के दौरान आधार परत को मजबूती देने का काम चल रहा है, लेकिन क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों की आवाजाही निर्माण की गुणवत्ता के लिए चुनौती बनी हुई है। कई स्थानों पर सड़क की सतह खराब होने से निर्माण एजेंसी को दोबारा सुधार और मरम्मत का काम करना पड़ रहा है। इससे निर्माण कार्य की गति के साथ खर्च भी बढ़ने की आशंका है।

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सरकार को राजस्व की भी हो रही हानि

सड़क निर्माण पूरा होने से पहले ही यदि आधार संरचना पर लगातार अतिरिक्त भार पड़ता रहा तो इसका असर सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर पड़ सकता है। इसके बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आ रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ भारी वाहन रतनपुर-केंदा मार्ग पर टोल शुल्क से बचने के लिए निर्माणाधीन एनएच-45 का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व की भी हानि हो रही है।

वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने के बावजूद इस रास्ते से भारी वाहनों के गुजरने से निर्माणाधीन सड़क पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। इससे सड़क खराब होने की आशंका बढ़ रही है और निर्माण एजेंसी को बार-बार सुधार कार्य करना पड़ रहा है।

क्षमता से अधिक भार की हो प्रतिदिन जांच

प्रतिदिन एक हजार से अधिक भारी वाहनों की आवाजाही के बावजूद ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। नियमित वजन जांच, चलित जांच दल और क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की जाए तो स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।

मार्ग पर भारी वाहनों की संख्या और ओवरलोडिंग की स्थिति सामने होने के बावजूद इन वाहनों पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।