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बदला खाकी का ढर्रा: छत्तीसगढ़ में अब फरार अपराधियों के बैंक खाते, आधार और पैन कार्ड होंगे सीज!

बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रेंज के 8 जिलों के पुलिस अधीक्षकों की समीक्षा बैठक ली।

By Mohammad Safraj MemonEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 02:04:57 PM (IST)Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 02:04:57 PM (IST)
बदला खाकी का ढर्रा: छत्तीसगढ़ में अब फरार अपराधियों के बैंक खाते, आधार और पैन कार्ड होंगे सीज!
बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग

HighLights

  1. फरार अपराधियों के बैंक खाते होंगे सीज, सहयोगियों पर भी कसेगा शिकंजा
  2. हेल्पलाइन शिकायतों में देरी पर नोटिस
  3. समन-वारंट में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

नईदुनिया प्रतिनिधि बिलासपुर। आईजी रामगोपाल गर्ग ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में एनडीपीएस के लंबित मामलों, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, न्यायालयीन समन-वारंट की तामीली और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा की गई। आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एनडीपीएस के जिन मामलों में आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं, उनमें विशेष कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई की जाए। फरारी के दौरान चालान पेश होने वाले मामलों में वारंट जारी कराकर उनकी प्रभावी तामीली सुनिश्चित करने को कहा गया।

आईजी ने फरार अपराधियों के खिलाफ सख्त रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। आरोपियों के पैन कार्ड, बैंक खाते और आधार कार्ड की जानकारी जुटाकर वित्तीय लेन-देन पर रोक लगाने, बैंक खाते सीज कराने, मोबाइल और वाहनों की तकनीकी जानकारी एकत्र करने तथा नेटग्रिड के इनपुट का उपयोग कर उनकी तलाश तेज करने को कहा। साथ ही गिरफ्तार सह-आरोपियों से पूछताछ कर फरार आरोपियों के ठिकानों की जानकारी जुटाने और एनसीबी व एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए।


बैठक में न्यायालयीन समन और वारंट की लंबित तामीली पर भी नाराजगी जताई गई। आईजी ने कहा कि थाना प्रभारी और संबंधित राजपत्रित अधिकारी स्वयं निगरानी कर समय पर तामीली सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों का तय समय में निराकरण नहीं करने वाले थाना प्रभारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, सक्ती, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

फरार आरोपियों पर ऐसे कसेगा शिकंजा

आईजी रामगोपाल गर्ग ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की। अंतरराज्यीय और अंतरजिला समन्वय बढ़ाने, एनसीबी और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को आरोपियों का पूरा ब्योरा भेजने, पैन कार्ड, बैंक खाते और आधार कार्ड की जानकारी जुटाकर वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। नेटग्रिड के इनपुट के आधार पर पुलिस टीमों को विभिन्न स्थानों पर सक्रिय रखने, मोबाइल और वाहनों की तकनीकी जानकारी जुटाने तथा पहले से गिरफ्तार सह-आरोपियों से पूछताछ कर फरार आरोपियों के ठिकाने पता लगाने को कहा गया। आईजी ने स्पष्ट किया कि सभी पुलिस अधीक्षक स्वयं इन मामलों की लगातार मॉनिटरिंग करेंगे और गिरफ्तारी तक कार्रवाई जारी रहेगी।

समन-वारंट में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

समीक्षा बैठक में न्यायालयों से जारी समन और वारंट की लंबित तामीली पर आईजी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गंभीर मामलों में गवाहों, डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध बार-बार वारंट जारी होना चिंताजनक है। सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे स्वयं निगरानी कर समय पर तामीली कराएं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही की व्यवस्था बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। आईजी ने चेतावनी दी कि यदि रेंज कार्यालय को भेजे गए समन-वारंट की तामीली में लापरवाही मिली तो संबंधित थाना प्रभारी और नोडल राजपत्रित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

हेल्पलाइन शिकायतों में देरी पर नोटिस

आईजी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा में शिकायतों का निपटारा किया जाए। यदि शिकायत समय सीमा पार होने के कारण वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचती है तो संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। पुलिस अधीक्षकों को सभी शिकायतों की नियमित समीक्षा करने और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में आईजी ने कानून व्यवस्था, सराफा बाजारों की नियमित जांच, पिकेट प्वाइंट की निगरानी तथा अगले महीने एनडीपीएस मामलों की दोबारा समीक्षा करने की घोषणा की।

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