
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: बिजली वितरण व्यवस्था में सुरक्षा और हादसों की रोकथाम के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के पालन को लेकर हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (सीएसपीडीसीएल) से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने कंपनी के सक्षम अधिकारी को तीन सप्ताह के भीतर शपथपत्र पेश कर बताने का निर्देश दिया है कि एसओपी लागू करने और लोगों को जागरूक करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की युगल पीठ ने स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास तथा विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित पक्षों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज परांजपे ने पैरवी की।
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हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि शपथपत्र तीन सप्ताह के भीतर दाखिल किया जाए और उसकी प्रति राज्य सरकार के अधिवक्ता को भी उपलब्ध कराई जाए। मामले को अगली सुनवाई के लिए सात दिसंबर 2026 को रखा गया है।
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