
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। बिलासपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री अधिक रहा। लगातार चौथे दिन बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना रहा और वर्षा के बाद उमस ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
शुक्रवार दोपहर तक तेज धूप और गर्म हवाओं से लोग बेहाल रहे। इसके बाद अचानक मौसम ने करवट ली और शहर के ऊपर काले बादल छा गए। कई इलाकों में झमाझम तो कहीं हल्की वर्षा हुई, जिससे सड़कों और मोहल्लों में कुछ देर के लिए ठंडक का एहसास हुआ। शाम को ठंडी हवा चली, लेकिन दिनभर की गर्मी और वर्षा के बाद बढ़ी उमस ने राहत को अधूरा छोड़ दिया।
मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री तथा न्यूनतम 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमशः छह और 3.4 डिग्री अधिक है। लगातार चौथे दिन बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुंच चुकी है। अगले तीन से चार दिनों में छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों में मानसून पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
राजस्थान से उड़ीसा तक उत्तर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ होते हुए सीजनल द्रोणिका सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी, म्यांमार और उत्तर तेलंगाना के ऊपर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण तथा दो द्रोणिकाओं का प्रभाव बना हुआ है। 27 जून को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा, गरज-चमक, अंधड़ और वज्रपात की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान का कहना है कि दो से आठ जुलाई के बीच वर्षा की रफ्तार बेहतर रहने की उम्मीद है।
जुलाई के पहले सप्ताह से बदलेगा मिजाज
मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान के अनुसार जुलाई के मध्य तक मानसून अच्छी गति से सक्रिय रह सकता है। विशेषकर दो से आठ जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य अथवा सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। देश के कुछ हिस्सों में 13 जुलाई तक वर्षा का सक्रिय दौर जारी रह सकता है। इसके बाद मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ने के संकेत हैं।
क्यों नहीं मिल रही पूरी राहत
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि केवल बादल छा जाना या छिटपुट वर्षा होना पर्याप्त नहीं होता। जब तक लगातार और व्यापक वर्षा नहीं होती, तब तक जमीन और वातावरण में जमा गर्मी बनी रहती है। ऐसे में तापमान थोड़ा कम होने के बावजूद उमस बढ़ जाती है और लोगों को गर्मी पहले से अधिक महसूस होती है। इसी वजह से हल्की वर्षा के बाद भी बिलासपुर में राहत अधूरी रही।