बिलासपुर में रुपयों के लिए दोस्त का अपहरण, गांजा केस में फंसाने की धमकी देकर मांगी 50 हजार की फिरौती
बिलासपुर के रतनपुर थाना क्षेत्र के भेलवापारा में रहने वाले मोटरसाइकिल मैकेनिक घनश्याम पाटले का उसके दोस्त इशान सारथी ने साथियों के साथ मिलकर चाकू की न...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 26 Jun 2026 08:07:15 AM (IST)Updated Date: Fri, 26 Jun 2026 08:07:15 AM (IST)
HighLights
- दोस्ती के भरोसे बुलाकर गले पर अड़ाया चाकू
- जंगल ले जाकर गांजे के साथ खींची फोटो
- मामला रफा-दफा करने मांगी $50$ हजार की फिरौती
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। दोस्ती के भरोसे बुलाकर युवक का अपहरण करने और उसे गांजा मामले में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग समेत दो आरोपित को गिरफ्तार किया है। मामले में शामिल अन्य आरोपित फरार होने में कामयाब हो गए। पुलिस की टीम उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
एसडीओपी नुपूर उपाध्याय ने बताया कि रतनपुर के भेलवापारा में रहने वाले धनश्याम पाटले(21) मोटर साइकिल मैकेनिक हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि बुधवार को वह घर के आंगन में था। इसी दौरान रतनपुर निवासी इशान सारथी और उसके साथी पहुंचे तथा बातचीत के बहाने उसे बाहर बुलाया। बाहर आते ही आरोपित ने उसके गले में चाकू अड़ाकर जबरन मोटरसाइकिल में बैठाया और कोरबाभांवर जंगल ले गए। जंगल में आरोपित ने कागज पर थोड़ी मात्रा में गांजा फैलाकर उसकी फोटो खींची और युवक पर दबाव बनाया कि वह परिवार वालों को फोन कर बताए कि वह गांजा मामले में पकड़ा गया है और मामला खत्म कराने के लिए 50 हजार रुपये की जरूरत है।
युवक ने आरोपित के दबाव में अपनी मां को फोन कर पैसे लाने की बात कही। आरोपित ने पहले महामाया मंदिर बाईपास स्थित बादल महल के पास और बाद में हेलीपेड के पास रुपये लेकर पहुंचने को कहा। संदेह होने पर स्वजन ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंची तो आरोपित भागने लगे। पीछा कर पुलिस ने इशान सारथी और एक नाबालिग को पकड़ लिया, जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने आरोपित युवक को न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा है। वहीं, नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया है।
गांजा केस में फंसाने की रची थी पूरी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित ने युवक को सीधे तौर पर धमकाने के बजाय उसके खिलाफ झूठा माहौल तैयार करने की कोशिश की। युवक को जंगल ले जाकर उसके सामने कागज पर गांजा फैलाया गया और उसकी तस्वीर खींची गई ताकि परिवार को यह विश्वास दिलाया जा सके कि वह वास्तव में गांजा मामले में पकड़ा गया है। इसके बाद आरोपित ने उसे निर्देश दिए कि फोन पर क्या बोलना है और किस तरह रुपये की मांग करनी है। युवक से कहा गया कि वह अपनी मां को बताए कि मामला खत्म कराने के लिए तत्काल 50 हजार रुपये चाहिए। पुलिस के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम सुनियोजित दबाव बनाकर फिरौती लेने की कोशिश का हिस्सा था।
परिवार की सूझबूझ और पुलिस की सक्रियता से पकड़े गए आरोपित
आरोपित की योजना उस समय बिगड़ गई जब युवक के स्वजन को पूरी घटना पर संदेह होने लगा। पहले एक स्थान पर पैसे बुलाना और फिर अचानक जगह बदलकर दूसरी जगह पहुंचने के निर्देश देने से परिवार सतर्क हो गया। स्वजन ने बिना देरी किए रतनपुर पुलिस को सूचना दी। इस पर थाना प्रभारी विष्णु यादव ने व जवानों ने स्वजन के साथ मिलकर निगरानी और घेराबंदी की रणनीति बनाई। जैसे ही आरोपित रुपये लेने पहुंचे, उन्होंने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने पीछा कर एक आरोपित और एक नाबालिग को पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ में अपहरण और फिरौती मांगने की बात सामने आई। अब पुलिस फरार आरोपित की तलाश में जुटी है।