दोस्त से निशानेबाजी की शर्त लगाकर ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पर फेंके पत्थर, ट्रेन का टूटा शीशा; RPF ने लिया कड़ा एक्शन
बिलासपुर में दो नाबालिगों ने निशानेबाजी की शर्त के चलते चलती ट्रेन पर पत्थर फेंक दिया, जिससे कोच का शीशा टूट गया। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 05 May 2026 12:14:46 PM (IST)Updated Date: Tue, 05 May 2026 12:14:46 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में निशानेबाजी की शर्त में ट्रेन पर फेंका गया पत्थर (AI Generated Image)HighLights
- ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के कोच का शीशा हुआ क्षतिग्रस्त
- RPF ने दो नाबालिगों को पकड़कर की कार्रवाई
- पूछताछ में आरोपितों ने घटना की वजह कबूली
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। ट्रेन पर पत्थरबाजी कर कोच का शीशा तोड़ना दो नाबालिगों को महंगा पड़ गया। आरपीएफ ने जांच के बाद दोनों को पकड़ लिया है। पूछताछ में सामने आया कि यह घटना किसी आपराधिक साजिश के तहत नहीं, बल्कि आपसी शर्त के चलते हुई।
ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस को बनाया निशाना
घटना रविवार को 12101 ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के सामान्य कोच में हुई। रसमड़ा–दुर्ग रेलखंड के किमी 869/10-12 के पास चलती ट्रेन पर पत्थर फेंका गया, जिससे कोच का शीशा टूट गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल सक्रिय हो गया।
जांच में पकड़े गए नाबालिग
मंडल सुरक्षा आयुक्त दीप चंद्र आर्य के निर्देश पर राजनांदगांव आरपीएफ पोस्ट प्रभारी और निरीक्षक के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास सघन जांच शुरू की। पतासाजी के दौरान बघेरा गेट के पास दो नाबालिग संदिग्ध अवस्था में मिले, जिन्हें हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में हुआ खुलासा
पूछताछ के दौरान एक नाबालिग ने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ तालाब में नहाने आया था। इसी दौरान दोनों के बीच निशानेबाजी की शर्त लगी। शर्त के तहत गुजरती ट्रेन पर पत्थर मारना था। पत्थर सीधे कोच के शीशे पर लगा और वह क्षतिग्रस्त हो गया। आरोपी ने यह बात अपने अभिभावक के सामने भी स्वीकार की।
रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई
इस मामले में आरपीएफ पोस्ट राजनांदगांव में दोनों नाबालिगों के खिलाफ रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
रेलवे ने दी चेतावनी
रेलवे सुरक्षा बल ने इस घटना को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि चलती ट्रेन पर पत्थरबाजी यात्रियों की जान के लिए खतरा बन सकती है। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत आरपीएफ या रेलवे हेल्पलाइन 139 पर दें।