

कोरबा नईदुनिया न्यूज: उत्तर छत्तीसगढ़ और हसदेव कैचमेंट एरिया में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मिनीमाता बांगो जलाशय का जलस्तर बढ़कर 92.48 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बांध में पानी की तेज आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने जल निकासी की मात्रा बढ़ा दी है। अब बांगो बांध के 7 रेडियल गेट (गेट नंबर 3, 4, 5, 6, 7, 8 और 9) खोलकर हसदेव नदी में 41,000 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड प्रवाहित किया जा रहा है।
अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण हसदेव नदी के तटीय इलाकों और निचले क्षेत्रों में जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक सरगुजा और बिलासपुर संभाग में मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने नदी तट पर बसे गांवों में माइक्स के जरिए मुनादी कराकर अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक सरगुजा और बिलासपुर संभाग में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों में माइक्स के जरिए मुनादी करवाकर लोगों को अलर्ट कर दिया है।
7 गेटों से 41000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज: जल संसाधन विभाग के अनुसार बांगो डैम के गेट नंबर 3 से 9 तक खोलकर 41 हजार क्यूसेक प्रति सेकेंड पानी छोड़ा जा रहा है।
35 संवेदनशील गांवों में अलर्ट व मुनादी: बांगो, पोड़ी उपरोड़ा, चर्रा, कछार, झाबू, स्याहीमुड़ी, लेपरा और हथमार समेत 35 गांवों के निवासियों को नदी किनारे न जाने की कड़ी हिदायत दी गई है।
खदानों और उद्योगों को एहतियात: बाढ़ क्षेत्र में कार्यरत खदान ठेकेदारों, औद्योगिक इकाइयों और निर्माण एजेंसियों को अपनी मशीनरी सुरक्षित स्थानों पर हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
24 घंटे स्थिति पर नजर: कार्यपालन अभियंता संतोष भारती ने बताया कि बांध क्षेत्र में कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।
संतोष भारती कार्यपालन अभियंता ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में आने वाले संभावित गांवो में बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडाड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा, सिरकीकला आदि शामिल हैं।
संवेदनशील क्षेत्र: बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कलमीपारा, तिलाईडाड, कोरियाघाट, धनगांव, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, स्याहीमुड़ी, हथमार और सिरकीकला।