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बिलासपुर में जब साहब ने खुद उठाई झाड़ू, कबाड़ हटाकर चमका दिए सरकारी दफ्तर

उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिलासपुर जिले में प्रशासनिक परिसरों और दफ्तरों को स्वच्छ व व्यवस्थित करने के लिए व्यापक स्वच्छता महाअभियान चलाया गया। कले...और पढ़ें

By kranti namdevEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 09:43:21 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 09:43:21 PM (IST)
बिलासपुर में जब साहब ने खुद उठाई झाड़ू, कबाड़ हटाकर चमका दिए सरकारी दफ्तर
मस्तूरी तहसील कार्यालय में झाडूू लगाते एसडीएम शिव कंवर पैकरा अन्य प्रशासनिक अधिकारी

HighLights

  1. उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला मुख्यालय से गांवों तक स्वच्छता अभियान।
  2. अधिकारियों व कर्मचारियों ने झाड़ू थामकर धूल फांक रही फाइलें व्यवस्थित कीं।
  3. कबाड़ सामग्री का निपटारा कर दफ्तरों के वर्क कल्चर में लाया बदलाव।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: सालों से धूल फांक रही फाइलों, कबाड़ हो चुके सामान और बदहाल परिसरों को चमकाने के लिए अफसरों से लेकर लिपिको ने झाड़ू थामी। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर गांवों तक व्यापक स्वच्छता महाअभियान चला। कलेक्ट्रोट, नवीन व पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग, जिला पंचायत तथा नगर निगम सहित जिले के तमाम प्रशासनिक भवनों में सुबह से ही सफाई का विशेष माहौल दिखा।

लंबे समय से उपेक्षित पड़े बैठक कक्षों, गलियारों और शाखाओं में वर्षों से जमा कचरा बाहर निकाला गया। अधिकारियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने साथ मिलकर श्रमदान किया, जिससे दफ्तरों का वर्क कल्चर पूरी तरह बदला हुआ दिखा। अभियान का मुख्य फोकस सिर्फ फर्श की सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सालों से अटकी-पड़ी अनुपयोगी फाइलों और अभिलेखों की छंटाई भी की गई।


पुरानी नस्तियों को व्यवस्थित कर कबाड़ को कलेक्टरेट परिसर से बाहर कराया गया। इससे सरकारी शाखाओं में वर्षों से बंद पड़ी अलमारियों और मेजों को व्यवस्थित स्वरूप मिला, जिससे आम नागरिकों के कार्यों में भी गति आएगी।

प्रशासनिक अमले ने स्पष्ट किया कि परिसरों को चकाचक रखने की यह कवायद केवल एक दिन के औपचारिकता तक सीमित नहीं रहेगी। सभी शाखा प्रभारियों को स्पष्ट ताकीद की गई है कि वे अपने कक्षों को इसी तरह पारदर्शी और साफ रखें। सफाई के विशेष प्रयास से सरकारी महकमे में कार्यकुशलता और सकारात्मक ऊर्जा का नया संचार देखने को मिला।

सालों पुराने कबाड़ का निपटारा

दफ्तरों में सबसे बड़ी समस्या पुरानी कबाड़ सामग्री और अव्यवस्थित पड़े अभिलेख थे। अभियान में अनावश्यक सामग्रियों की छंटाई कर कबाड़ घोषित किया गया। अस्त-व्यस्त नस्तियों को सुव्यवस्थित ढंग से रैक में दर्ज किया गया, ताकि दफ्तरों में फाइलों को खोजने में समय बर्बाद न हो और काम में गति आए।

मुख्यालय से गांव तक श्रमदान

स्वच्छता का यह संदेश केवल शहरी दफ्तरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनपद, तहसील और पंचायत स्तर के ग्रामीण कार्यालयों में भी व्यापक रूप से दिखा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ आला अधिकारियों ने कंधे से कंधा मिलाकर खुद पोछा और झाड़ू लगाई, जिससे दफ्तरों में सामूहिक जिम्मेदारी का वातावरण बना।

मस्तूरी एसडीएम कार्यालय में श्रमदान

मस्तूरी अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार कार्यालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं हाथ में झाड़ू थामकर स्वच्छता अभियान चलाया। एसडीएम शिव कंवर पैकरा व अन्य प्रशासनिक अमले ने धूप की परवाह किए बिना मैदान में बिखरे कचरे और पत्तों को साफ कर कचरा हटाया। इस दौरान पूरे परिसर को व्यवस्थित और स्वच्छ बनाया गया।

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