खेल-खेल में रेलवे ट्रैक पर रखे पत्थर, दुर्घटना से बची गरीब रथ एक्सप्रेस; यात्रियों में मची अफरा-तफरी, RPF ने लिया एक्शन
अमलाई-बुढार रेलखंड पर तीन नाबालिगों ने खेल-खेल में ट्रैक पर पत्थर रख दिए। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 10 Apr 2026 12:31:39 PM (IST)Updated Date: Fri, 10 Apr 2026 12:31:39 PM (IST)
ट्रैक पर पत्थर रखकर बच्चों ने की खतरनाक शरारतHighLights
- तीन नाबालिगों की पहचान कर कार्रवाई की गई
- आधे घंटे तक बीच रास्ते में खड़ी रही ट्रेन
- जुवेनाइल नियमों के तहत बच्चों को सौंपा परिजनों
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: अमलाई-बुढार रेलवे खंड पर मंगलवार शाम एक बड़ी दुर्घटना टल गई, जब कुछ नाबालिग बच्चों की शरारत के चलते ट्रैक पर पत्थर रख दिए गए। उस समय रायपुर-लखनऊ गरीब रथ एक्सप्रेस उसी मार्ग से गुजरने वाली थी। चालक की सतर्कता से समय रहते ट्रेन रोक दी गई, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।
कैसे हुई घटना
घटना मंगलवार को शाम 18:15 बजे की है। किमी नंबर 883/21-31 के बीच अमलाई-बुढार रेलखंड पर तीन नाबालिग बच्चों ने खेल-खेल में रेलवे ट्रैक पर पत्थर रख दिए। उसी समय गरीब रथ एक्सप्रेस उस मार्ग से गुजरने वाली थी। जैसे ही चालक की नजर ट्रैक पर पड़े पत्थरों पर पड़ी, उन्होंने तुरंत ट्रेन को नियंत्रित करते हुए रोक दिया।
जांच में सामने आए नाबालिग
ट्रेन रुकने की सूचना तुरंत अनूपपुर आरपीएफ पोस्ट को दी गई। सूचना मिलते ही पोस्ट प्रभारी और निरीक्षक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम में सहायक उपनिरीक्षक, अपराध गुप्तचर शाखा के उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह, प्रधान आरक्षक दीपक सिंह और वीके तिवारी शामिल थे। रेलवे कर्मचारियों के साथ संयुक्त जांच की गई और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
स्थानीय लोगों की मदद से तीन नाबालिगों की पहचान की गई, जो अमलाई के निवासी हैं। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे शाम करीब पांच बजे ट्रैक के पास घूमने गए थे और खेलते समय पत्थर रख दिए। किसी व्यक्ति को आता देख वे डरकर भाग गए।
कानूनी कार्रवाई और रिहाई
तीनों नाबालिगों को आरपीएफ पोस्ट लाया गया, जहां रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रावधानों के तहत उन्हें नोटिस देकर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
आधे घंटे रुकी रही ट्रेन
इस घटना के कारण गरीब रथ एक्सप्रेस करीब आधे घंटे तक बीच रास्ते में खड़ी रही। यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा और वे बार-बार जानकारी लेते रहे। हालांकि राहत की बात यह रही कि चालक की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। ट्रैक से पत्थर हटाने के बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।