बिलासपुर के तिफरा इंडस्ट्रियल एरिया में पेंट फैक्ट्री में भीषण आग, केमिकल ड्रम फटने से भड़की.... दूर तक दिखी लपटें
बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत तिफरा इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार दोपहर एक पेंट और पुट्टी फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 17 Feb 2026 01:33:03 AM (IST)Updated Date: Tue, 17 Feb 2026 01:33:03 AM (IST)
तिफरा इंडस्ट्रियल एरिया में पेंट फैक्ट्री में भीषण आगHighLights
- केमिकल ड्रम फटने से बढ़ी आग
- दो घंटे बाद पाया गया काबू
- शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत तिफरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित अनव इंडस्ट्री में सोमवार दोपहर अचानक आग लग गई। यह फैक्ट्री नरेश सुल्तानिया द्वारा संचालित की जाती है, जहां वाल पेंट, पुट्टी और टाइल्स का निर्माण होता है। दोपहर में श्रमिकों ने परिसर से धुआं उठता देखा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया।
दो घंटे की मशक्कत के बाद काबू
घटना की सूचना मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे तक लगातार प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और श्रमिकों के बयान के बाद ही कारण स्पष्ट होगा।
केमिकल ड्रम फटने से बढ़ी दहशत
फैक्ट्री के जिस हिस्से में आग लगी, वहां भारी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल रखा था। आग लगने के कुछ ही देर बाद केमिकल से भरे ड्रम फटने लगे, जिससे लपटें और तेज हो गईं। पुलिस ने एहतियातन भीड़ को दूर किया और बचाव कार्य शुरू कराया।
सुरक्षा उपायों की अनदेखी उजागर
प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि फैक्ट्री में ज्वलनशील केमिकल बड़ी मात्रा में रखा जाता था, लेकिन आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। आग बुझाने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने से श्रमिकों को जान बचाकर भागना पड़ा।
औद्योगिक क्षेत्र में फायर स्टेशन की पुरानी मांग
सिरगिट्टी, तिफरा और सिलपहरी औद्योगिक क्षेत्र में कई इकाइयां संचालित हैं। दिसंबर 2025 में सिरगिट्टी क्षेत्र के एक फर्नीचर कारखाने में आग लगने से दो श्रमिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद से उद्योगपति यहां फायर स्टेशन की मांग कर रहे हैं। लगातार हादसों के बावजूद अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।