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नक्सल आंदोलन को कुचलने बनाया मास्टरप्लान, गरियाबंद में रचा चक्रव्यूह, अब आईजी रामगोपाल गर्ग राष्ट्रपति से होंगे सम्मानित

नक्सल आंदोलन को कुचलने बनाया मास्टरप्लान, अब राष्ट्रपति से होंगे सम्मानित आइजी रामगोपाल गर्ग 2011 से 13 तक रहे गरियाबंद जिले में एसपी, तब की थी शुरुआत...और पढ़ें

By Mohammad Safraj MemonEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 14 Aug 2026 08:00:28 AM (IST)Updated Date: Fri, 14 Aug 2026 08:59:29 AM (IST)
नक्सल आंदोलन को कुचलने बनाया मास्टरप्लान, गरियाबंद में रचा चक्रव्यूह, अब आईजी रामगोपाल गर्ग राष्ट्रपति से होंगे सम्मानित
आइजी रामगोपाल गर्ग

HighLights

  1. आइजी रामगोपाल गर्ग को मिलेगा राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पदक।
  2. गरियाबंद में तैयार किया था 20 साल का नक्सल रोधी मास्टरप्लान।
  3. बीट सिस्टम और मॉडर्न टेक्नोलॉजी से बिलासपुर में कड़क पुलिसिंग।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। आइजी रामगोपाल गर्ग सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित होंगे। आइजी रामगोपाल गर्ग ने चार जिलों में एसपी का पद संभाला। इसमें सबसे महत्वपूर्ण गरियाबंद जिला रहा। यहां पोस्टिंग के दौरान उन्होंने नक्सल आंदोलन के खात्मे के लिए महत्वपूर्ण काम किए। जंगल के अंदर तक जाकर उन्होंने सुरक्षाबलों के कैंप लगवाए साथ ही 20 साल के लिए मास्टर प्लान बनाया।

जिसे केंद्र और राज्य सरकार ने भी आगे बढ़ाते हुए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आगे बढ़ाया। जंगल के भीतर सुरक्षाबलों की मौजूदगी से ही आज प्रदेश नक्सल मुक्त हो सका है। आइजी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि साल 2011 से लेकर 2013 तक उनकी पोस्टिंग गरियाबंद जिले में थी। इस दौरान नक्सलियों का आतंक अपने चरम पर था। नक्सलियों को कुचलने के लिए उन्होंने सुरक्षाबल की जंगल के अंदर तक मौजूदगी को लेकर गंभीर प्रयास शुरू किए।


उन्होंने गरियाबंद जिले के दुरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षाबलों के चार कैंप खुलवाए। इससे सुरक्षाबल और लोगों के बीच भरोसा कायम हुआ, साथ ही नक्सलवादियों की आमदरफ्त पर रोक लगी। आइपीएस रामगोपाल गर्ग की इस पहल से गरियाबंद में नक्सलियों का मुवमेंट कम हो गया। इसे देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार ने प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षाबलों के कैंप बढ़ाए जाने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया। इसके बाद दूरस्थ और पहुंच विहिन क्षेत्र में सुरक्षाबल की मौजूदगी बढ़ी। आगे चलकर यही पहल नक्सलियों के खात्मे के लिए असरदार रास्ता बना।

बेहतर पुलिसिंग के लिए कर्मचारियों को करते रहे प्रोत्साहि त

आइपीएस रामगोपाल गर्ग प्रदेश के चार जिलों में एसपी रहे। इसके साथ ही उन्होंने अलग-अलग पदों पर काम किया। इस दौरान उन्होंने बेहतर पुलिसिंग के लिए जवानों को प्रोत्साहित करते रहे। जिसके चलते उनके कार्यकाल में संबंधित जिलों में पुलिसिंग सख्त रही। अपराधियों में उनका खौफ और आम लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ाने में कामयाब हुए।

बीट प्रणाली और तकनीक को देते रहे बढ़ावा

आइजी रामगोपाल गर्ग ने बिलासपुर रेंज में पोस्टिंग के साथ ही बीट प्रणाली और तकनीक का इस्तेमाल करने थाना प्रभारियों को प्रोत्साहित किया। आइजी ने तकनीक को बढ़ावा देने के लिए पुलिसकर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए। बीट प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए लगातार मानिटरिंग करने अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।