
नईदुनिया न्यूज बिलासपुर। मानसून की आधिकारिक दस्तक के बावजूद बिलासपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जून के दूसरे पखवाड़े के 10 दिनों में बिलासपुर छह दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर में दर्ज है, गुरुवार को भी यहां अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 6.3 डिग्री अधिक रहा बादलों की आवाजाही के बावजूद वर्षा नहीं होने से उमस और गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
मौसम के बदले मिजाज ने इस बार जून को असामान्य बना दिया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुंच चुकी है, जबकि मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों में छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों में मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई है। इसके बावजूद फिलहाल वर्षा की गति कमजोर बनी हुई है। सीजनल द्रोणिका उत्तर राजस्थान से बिहार तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।
वहीं उत्तर-पूर्व एवं पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से 26 जून को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। एक-दो स्थानों पर अंधड़ और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। हालांकि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिकतम तापमान में फिलहाल विशेष गिरावट की उम्मीद नहीं है। इसके विपरीत 26 जून के बाद प्रदेश के मध्य भाग में तापमान में फिर वृद्धि हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्षा में देरी और लगातार बढ़ता औसत तापमान कृषि, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन तीनों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
बढ़ा औसत तापमान क्यों खतरनाक
वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ श्रीकांत गिरी के अनुसार सामान्य से कई डिग्री अधिक तापमान शरीर की ताप नियंत्रण प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इससे हीट एग्जाशन, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, निम्न रक्तचाप, चक्कर, थकान और हृदय रोगियों में जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। अधिक उमस होने पर पसीना भी शरीर को पर्याप्त ठंडा नहीं कर पाता, इसलिए पर्याप्त पानी, हल्का भोजन और धूप से बचाव आवश्यक है।
छत्तीसगढ़ का टाप हीट सिटी बना हुआ है बिलासपुर
गर्मी में ऐसी रखें अपनी दैनिक दिनचर्या
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सुबह जल्दी आवश्यक कार्य निपटाएं। दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। प्रतिदिन पर्याप्त पानी, नींबू पानी, छाछ या ओआरएस का सेवन करें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, तैलीय भोजन कम लें तथा घर और कार्यस्थल पर पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें। नियमित आराम भी शरीर को गर्मी से उबरने में मदद करता है।
उमस का बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
लगातार गर्मी और उमस का सबसे अधिक प्रभाव छोटे बच्चों पर पड़ता है। उनके शरीर में पानी की कमी तेजी से हो सकती है, जिससे सुस्ती, चिड़चिड़ापन, बुखार, उल्टी और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञ बच्चों को धूप में खेलने से बचाने, पर्याप्त तरल पदार्थ देने, हल्के कपड़े पहनाने और स्कूल से लौटने के बाद पर्याप्त आराम कराने की सलाह देते हैं।
मौसमीय सिस्टम सक्रिय, फिर भी वर्षा नहीं
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार केवल मानसून की एंट्री पर्याप्त नहीं होती। व्यापक और लगातार वर्षा के लिए नमी, हवा की दिशा, द्रोणिका, चक्रवाती परिसंचरण और स्थानीय तापीय परिस्थितियों का अनुकूल होना भी जरूरी है। फिलहाल कई मौसमीय सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन उनकी तीव्रता और नमी का वितरण पर्याप्त नहीं होने से बादल बन रहे हैं, पर व्यापक वर्षा नहीं हो पा रही है।
10 दिनों में प्रदेश में सबसे गर्म शहर
तिथि अधिकतम तापमान शहर
25 जून 39.4 बिलासपुर
24 जून 39 बिलासपुर
23 जून 39 बिलासपुर
22 जून 40 राजनांदगांव
21 जून 41.8 बिलासपुर
20 जून 40.8 रायपुर
19 जून 37 रायपुर
18 जून 41.6 बिलासपुर
17 जून 38.5 रायपुर
16 जून 42 बिलासपुर