
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। रायपुर नगर निगम को मध्यस्थता में तय करीब 2.28 करोड़ रुपये की देनदारी चुकानी होगी। हाई कोर्ट ने नगर निगम के बैंक खातों से सात करोड़ रुपये से अधिक की राशि कुर्क कर अदालत में जमा कराने के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है।
कोर्ट ने कहा कि व्यावसायिक विवाद से जुड़े मध्यस्थता अवार्ड को लागू कराने के लिए व्यावसायिक अदालत को निष्पादन की कार्यवाही करने का अधिकार है। नगर निगम होने के आधार पर सार्वजनिक धन के इस्तेमाल का हवाला देकर वसूली से सामान्य छूट नहीं मिल सकती।
न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकल पीठ ने 28 अक्टूबर को रायपुर नगर निगम की याचिका पर यह आदेश दिया। नगर निगम ने व्यावसायिक अदालत, नवा रायपुर के 29 नवंबर 2022, 11 जनवरी 2023 और 13 जनवरी 2023 के आदेशों को चुनौती दी थी।
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इन आदेशों के तहत नगर निगम के बैंक खातों से पहले सात करोड़ रुपये और बाद में ब्याज सहित 7 करोड़ 29 लाख 40 हजार 41 रुपये जमा कराने के निर्देश दिए गए थे। मामला अमरावती की एसोसिएटेड सॉफ्टवेयर कंसल्टेंसी से जुड़ा है।
नगर निगम ने वर्ष 2002 में शहर के मानचित्रण, सर्वेक्षण और कर निर्धारण के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित काम का अनुबंध किया था। भुगतान को लेकर विवाद होने पर मामला मध्यस्थ के पास पहुंचा। मध्यस्थ ने 7 अप्रैल 2018 को कंपनी के पक्ष में 2 करोड़ 27 लाख 79 हजार 729 रुपये का अवार्ड पारित किया। इस राशि पर नौ प्रतिशत सालाना ब्याज और अन्य देयताएं भी तय की गई थीं।
नगर निगम ने अवार्ड को चुनौती देने में देरी की। व्यावसायिक अदालत ने देरी माफ करने का आवेदन खारिज कर दिया। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी सफल नहीं हुई। इसके बाद कंपनी ने अवार्ड की वसूली के लिए निष्पादन कार्यवाही शुरू की।
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नगर निगम ने दलील दी कि बैंक खातों में रखी राशि जनकल्याण योजनाओं और विकास कार्यों के लिए है तथा कुर्की से नागरिक सुविधाएं प्रभावित होंगी। कंपनी ने कहा कि अवार्ड अंतिम हो चुका है और नगर निगम निष्पादन की कार्यवाही में पुराने विवाद दोबारा नहीं उठा सकता।
हाई कोर्ट ने माना कि नगर निगम की वैधानिक संस्था होने की स्थिति अपने आप बैंक खातों की राशि को कुर्की से मुक्त नहीं करती। हालांकि, किसी खास राशि पर वैधानिक छूट लागू होने का दावा हो तो उसे संबंधित अदालत में प्रमाणित किया जा सकता है। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए अंतरिम संरक्षण भी समाप्त कर दिया।
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