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बिलासपुर बनेगा ग्लोबल रिसर्च का केंद्र; 10 देशों के वैज्ञानिकों ने भेजे 302 इंटरनेशनल शोध-पत्र

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा 3 और 4 जुलाई को छठवां अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आईसीआईआरएसएमटी आयोजित किया जा ...और पढ़ें

By Dhirendra Kumar SinhaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sun, 28 Jun 2026 08:11:27 AM (IST)Updated Date: Sun, 28 Jun 2026 08:11:27 AM (IST)
बिलासपुर बनेगा ग्लोबल रिसर्च का केंद्र; 10 देशों के वैज्ञानिकों ने भेजे 302 इंटरनेशनल शोध-पत्र
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय

HighLights

  1. कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित उभरती तकनीकों पर होगा वैश्विक मंथन
  2. अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से मिलेगा वैश्विक शोध का अनुभव
  3. तकनीकी प्रदर्शनी और कार्यशाला भी होगी आकर्षण का केंद्र

नईदुनिया प्रतिनिधि बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा तीन और चार जुलाई को आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसीआईआरएसएमटी-2026 इस बार वैश्विक शोध, नवाचार और तकनीकी संवाद का बड़ा मंच बनने जा रहा है। भारत सहित 10 देशों से 302 शोध-पत्र प्राप्त हुए हैं, जबकि विदेशी और भारतीय विशेषज्ञ विज्ञान, प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती तकनीकों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। विश्वविद्यालय इसे अब तक का सबसे प्रभावी संस्करण बनाने की तैयारी में जुटा है।

कंप्यूटर विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं सम्मेलन अध्यक्ष डा.एचएस. होता ने बताया कि विज्ञान, प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी में नवाचारी अनुसंधान विषय पर आयोजित यह सम्मेलन का छठवां संस्करण है, जिसने पिछले वर्षों में राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।


पिछले पांच संस्करणों में करीब 2000 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किए जा चुके हैं तथा हजारों प्रतिभागी इसमें शामिल हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सम्मेलन को अमेरिकन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलाजी, अमेरिका का शैक्षणिक सहयोग तथा छत्तीसगढ़ सोसायटी फार इन्फार्मेशन टेक्नोलाजी का तकनीकी सहयोग प्राप्त है। सम्मेलन में भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, ओमान, बोत्सवाना, यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन), मारीशस, नेपाल, श्रीलंका, भूटान और इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों से 302 शोध-पत्र प्राप्त हुए हैं। विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद चयनित शोध-पत्र सात तकनीकी सत्रों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रस्तुत किए जाएंगे।

उद्घाटन तीन जुलाई को सुबह 10 बजे होगा, जिसमें सम्मेलन स्मारिका और विभाग की अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका का विमोचन भी किया जाएगा। सम्मेलन में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के शोधार्थी शामिल होंगे।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से मिलेगा वैश्विक शोध का अनुभव

सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण विदेश से आने वाले विशेषज्ञ होंगे। मैरीलैंड विश्वविद्यालय, अमेरिका के प्रो. राकेश शर्मा, प्रोफेसर शिव स्वामी रामस्वामी (बोत्सवाना विश्वविद्यालय, बोत्सवाना), प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, ओमान के प्रो. रस्तोगी तथा प्रो. दुबे भौतिक रूप से सम्मेलन में शामिल होकर अपने व्याख्यान देंगे। इनके अलावा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं वैज्ञानिक भी सात विशेषज्ञ व्याख्यानों के माध्यम से प्रतिभागियों को नवीन तकनीकी शोध से अवगत कराएंगे।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता रहेगा सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण

इस वर्ष सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को विशेष फोकस दिया गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, कंप्यूटर विजन, डेटा विश्लेषण, स्मार्ट सिस्टम तथा अन्य आधुनिक तकनीकों पर आधारित शोध एवं प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए जाएंगे। विशेषज्ञ स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग, साइबर सुरक्षा, ई-गवर्नेंस, वित्त, व्यवसाय प्रबंधन और अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

तकनीकी प्रदर्शनी और कार्यशाला भी होगी आकर्षण का केंद्र

दो दिवसीय सम्मेलन में आधुनिक तकनीकों पर आधारित विशेष प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिसमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स (वस्तुओं का इंटरनेट), रोबोटिक्स, स्मार्ट सिस्टम, डेटा विश्लेषण तथा अन्य उभरती तकनीकों के नवाचार प्रदर्शित होंगे। प्रतिभागियों के कौशल विकास के लिए विशेष कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। डा. होता ने विश्वास जताया कि आईसीआईआरएसएमटी-2026 अब तक का सबसे सफल और प्रभावशाली संस्करण सिद्ध होगा।