फर्जी मार्कशीट व साहब के फर्जी हस्ताक्षर के सहारे रह रही थी सरकारी छात्रावास में, GGU का फर्जीवाड़ा खुला तो दर्ज हुई FIR
बिलासपुर के बृहस्पति बाजार स्थित अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में फर्जी अंकसूची के जरिए प्रवेश लेने का मामला सामने आया है। कोटा निवासी अनामिका बंजारे ने वर्ष 2025 में प्रवेश लिया था, लेकिन यूनिवर्सिटी द्वारा सत्यापन में मार्कशीट और हस्ताक्षर फर्जी पाए गए।
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 10:45:48 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 10:45:48 PM (IST)
HighLights
- फर्जी मार्कशीट के जरिए छात्रावास में प्रवेश लेने का मामला।
- गुरु घासीदास विश्वविद्यालय ने अंकसूची को बताया पूरी तरह फर्जी।
- सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी युवती के खिलाफ दर्ज की FIR।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: बृहस्पति बाजार स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक स्नातकोत्तर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में फर्जी अंकसूची के आधार पर प्रवेश लेने का मामला सामने आया है। जांच में दस्तावेजों के फर्जी पाए जाने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने ग्राम भैंसाझार, तहसील कोटा निवासी युवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत अपराध दर्ज किया है।
कोटा के भैंसाझार में रहने वाली छात्रा अनामिका बंजारे ने वर्ष 2025 में बृहस्पति बाजार स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक स्नातकोत्तर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में प्रवेश लिया था। तत्कालीन अधीक्षिका रीता भारती को अंकसूची पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने मामले की जांच कराने के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को शिकायत दी थी।
जांच के दौरान दस्तावेजों का विश्वविद्यालय से सत्यापन कराया गया। आदिवासी विकास विभाग की जांच में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि अनामिका बंजारे के नाम से वर्ष 2025 की संलग्न अंकसूची विश्वविद्यालय द्वारा जारी नहीं की गई थी। विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग ने 11 जून 2026 को इस संबंध में जानकारी दी थी।
वहीं, गणित विभागाध्यक्ष ने 15 जून 2026 को पत्र जारी कर बताया कि छात्रा के प्रवेश आवेदन पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर छात्रावास से अनामिका को निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद आदिवासी विकास विभाग ने गुरुवार को सिविल लाइन थाना प्रभारी को पत्र लिखकर नियमानुसार कार्रवाई करने कहा। वर्तमान छात्रावास अधीक्षिका ममता सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।