छत्तीसगढ़ के धमतरी में बिना ओटीपी खाते से निकल गए 50 हजार रुपये, अब खाताधारक को बैंक लौटाएगा राशि, ब्याज और हर्जाना भी देना होगा
साइबर ठगी के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग धमतरी ने एचडीएफसी बैंक लिमिटेड शाखा धमतरी की जवाबदेही तय करते हुए अहम फैसला सुनाया है।
Publish Date: Fri, 14 Aug 2026 08:46:52 PM (IST)Updated Date: Fri, 14 Aug 2026 08:48:46 PM (IST)
HighLights
- ना तो ओटीपी साझा किया, ना किसी लिंक पर क्लिक किया
- तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुआ फैसला
- मोबाइल से खाता लिंक रखें, हर लेनदेन की जानकारी लें
नईदुनिया प्रतिनिधि, धमतरी। साइबर ठगी के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग धमतरी ने एचडीएफसी बैंक लिमिटेड शाखा धमतरी की जवाबदेही तय करते हुए अहम फैसला सुनाया है। ग्राम जुनवानी निवासी नेकराम साहू (52) के खाते से बिना उनकी जानकारी के निकाली गई 50 हजार रुपये की राशि बैंक को लौटानी होगी।
50 हजार का लेनदेन जानकारी के बिना हो गया
जिला उपभोक्ता आयोग धमतरी से मिली जानकारी के अनुसार भखारा तहसील अंतर्गत ग्राम जुनवानी निवासी नेकराम साहू का एचडीएफसी बैंक लिमिटेड शाखा धमतरी रेस्ट हाउस के सामने रत्नाबांधा रोड में खाता संचालित है। चार जनवरी 2026 को उनके खाते से 50 हजार रुपये का लेनदेन उनकी जानकारी के बिना हो गया।
ना तो ओटीपी साझा किया, ना किसी लिंक पर क्लिक किया
नेकराम साहू के अनुसार उन्होंने न तो किसी व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा किया था और न ही किसी लिंक पर क्लिक किया था। खाते से राशि निकलने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बैंक पहुंचकर इसकी जानकारी दी।
इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने के साथ पुलिस अधीक्षक धमतरी, संबंधित थाना और बैंक को भी लिखित शिकायत दी। बैंक से राहत नहीं मिलने पर उन्होंने अधिवक्ता टिकेश कुमार के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद प्रस्तुत किया।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुआ फैसला
सुनवाई के दौरान बैंक की ओर से लेनदेन को थर्ड पार्टी ट्रांसफर बताते हुए ग्राहक की लापरवाही अथवा ओटीपी के माध्यम से लेनदेन स्वीकृत होने का तर्क रखा गया। आयोग ने मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों और पक्षकारों के तर्कों का परीक्षण किया। आयोग ने बैंक के पास उपलब्ध इलेक्ट्रानिक अभिलेखों और तकनीकी जानकारी से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर मामले पर विचार किया।
आयोग ने परिवादी के आवेदन को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए बैंक को विवादित राशि लौटाने का आदेश दिया है।
ब्याज और हर्जाना भी देना होगा
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष गोपाल रंजन पाणिग्रही, सदस्य रूपा शर्मा और सदस्य अरविंद सिंह परिहार की पीठ ने 22 जुलाई 2026 को आदेश पारित किया। आदेश के अनुसार एचडीएफसी बैंक को 45 दिवस के भीतर नेकराम साहू को 50 हजार रुपये अदा करने होंगे।
इस राशि पर 17 मार्च 2026 से बैंक द्वारा रकम लौटाने तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। इसके अलावा मानसिक पीड़ा के लिए सात हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये अलग से देने का आदेश दिया गया है।
मोबाइल से खाता लिंक रखें, हर लेनदेन की जानकारी लें
अरविंद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य अरविंद सिंह परिहार ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए बैंक खाते से मोबाइल नंबर लिंक रखना जरूरी है। इससे खाते में होने वाले प्रत्येक लेनदेन की जानकारी तत्काल मोबाइल पर मिल सकेगी और किसी अनधिकृत लेनदेन का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करनी चाहिए
उन्होंने कहा कि बैंक ग्राहकों को समय-समय पर ई-केवाईसी अपडेट कराना चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड अथवा बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। खाते से अनधिकृत लेनदेन की जानकारी मिलते ही बैंक को सूचना देने के साथ साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करनी चाहिए।