बेटी हुई है! कार पर बैनर लगाकर अस्पताल से घर तक मनाया जश्न, घमतरी में कोसरिया परिवार ने पेश की अनूठी मिसाल
वंश में 24 साल बाद बेटी हुई है। स्वजन की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। अस्पताल से घर तक धूमाल व ढोल-नगाड़े के साथ करीब दो किलोमीटर तक स्वजन व लोग पूरी स ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 07 Apr 2026 10:13:22 PM (IST)Updated Date: Tue, 07 Apr 2026 10:13:22 PM (IST)
कार पर बैनर लगाकर अस्पताल से घर तक मनाया जश्नHighLights
- धमतरी के कोसरिया परिवार में 24 साल के लंबे इंतजार के बाद हुआ बेटी का जन्म
- अस्पताल से घर तक 2 किमी तक धूमाल और ढोल-नगाड़ों के साथ निकला जुलूस
- परिवार ने संदेश दिया- बेटी बोझ नहीं, भगवान का अनमोल आशीर्वाद होती है
नईदुनिया प्रतिनिधि, धमतरी। वंश में 24 साल बाद बेटी हुई है। स्वजन की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। अस्पताल से घर तक धूमाल व ढोल-नगाड़े के साथ करीब दो किलोमीटर तक स्वजन व लोग पूरी सड़क भर थिरकते हुए उसे घर ले गए। बकायदा जिस कार में बेटी सवार हुई थी, उसे सजाकर बड़े अक्षरों में लिखा हुआ था कि "बेटी हुई है"। इस परिवार में सालों बाद बेटी पैदा हुई, तो उनके स्वागत का जश्न देखने पूरा शहर मजबूर हो गया, क्योंकि इससे पहले बेटी के जन्म पर इस तरह का स्वागत किसी ने नहीं देखा था, जो पहली बार हुआ है।
डेढ़ किलोमीटर तक हुई आतिशबाजी और नृत्य
धमतरी शहर के मकेश्वर वार्ड निवासी रूपेश कोसरिया व उनकी पत्नी किरण कोसरिया को प्रथम संतान के रूप में एक अप्रैल को बेटी हुई है। उनके कोसरिया परिवार के वंश में 24 साल बाद पहली बेटी ने जन्म लिया है, तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।
छह अप्रैल को जब धमतरी-रायपुर रोड स्थित निजी अस्पताल से मां व बेटी को स्वजन लाने गए, तो उनके स्वजन ने नन्हीं बेटी के स्वागत में रास्तेभर ऐसा जश्न मनाया कि पूरा शहर देखता रहा। धूमाल, ढोल-नगाड़ा और आतिशबाजी के साथ करीब डेढ़ से दो किलोमीटर सड़क में नाचते हुए उसे लाया गया। लोग इसे किसी शादी या अन्य जश्न समझ रहे थे, लेकिन हकीकत पता चली तो सब आश्चर्यचकित रह गए। जिस कार में बेटी को बिठाया गया, उस पर बकायदा एक बड़ा बैनर लगाया गया था जिसमें लिखा था— "बेटी हुई है"।
परिवार ने समाज को दिया बड़ा संदेश
बच्ची के ताऊ (बड़े पिताजी) दीपक कोसरिया ने बताया कि उनके परिवार में 24 साल बाद बेटी का जन्म हुआ है। उनके घर में बहन के बाद पहली बार बेटी आई है, इसलिए यह खुशी खास है। बेटी कोई बोझ नहीं होती, उसे अच्छी शिक्षा और बेहतर भविष्य देना ही परिवार की जिम्मेदारी है। घर में बेटी होना गर्व की बात है और यह भगवान का आशीर्वाद है। परिवार के इस कदम की पूरे शहर में सराहना हो रही है।