
नईदुनिया प्रतिनिधि, दुर्ग: शहर में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े बिल्डर सजल जैन और विश्वास गुप्ता के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। ईडी की टीम में सात अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। दोनों ठिकानों पर ईडी की जांच और दस्तावेजों की पड़ताल की कार्रवाई फिलहाल जारी है।
छापे की कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। जांच के दौरान ईडी के अधिकारी मीडिया से बातचीत करने से बच रहे हैं। कार्रवाई स्थल पर सुरक्षा के मद्देनजर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है। स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद ईडी की टीम ने उन्हें कार्रवाई की जानकारी दी।
सजल जैन और विश्वास गुप्ता को कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का करीबी बताया जाता रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों का रियल एस्टेट कारोबार दुर्ग में लंबे समय से सक्रिय है। यह भी चर्चा है कि कई अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की रकम इनके रियल एस्टेट कारोबार में निवेश होने की बात सामने आती रही है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
बताया जाता है कि सजल जैन और विश्वास गुप्ता के ठिकानों पर पूर्व में एसीबी की कार्रवाई भी हो चुकी है। अब ईडी की ताजा कार्रवाई से रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े पुराने मामलों और कथित वित्तीय लेनदेन को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि ईडी की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मौजूदा कार्रवाई किस मामले या किस वित्तीय जांच के सिलसिले में की जा रही है।
ईडी की टीम द्वारा दोनों ठिकानों पर दस्तावेज, संपत्तियों से जुड़े रिकार्ड, वित्तीय लेनदेन और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की जांच किए जाने की संभावना है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा सकती है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच एजेंसी को क्या-क्या हासिल हुआ।
फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और बरामदगी अथवा जब्ती से संबंधित कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।