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नसबंदी से पहले आवारा कुत्तों की हुई आरती और तिलक, जगदलपुर महापौर ने दूध-आहार खिलाकर किया ABC सेंटर का शुभारंभ

जगदलपुर नगर निगम ने आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और रेबीज रोकथाम के लिए एबीसी सेंटर की शुरुआत की।

By Animesh PaulEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 11 May 2026 02:32:11 PM (IST)Updated Date: Mon, 11 May 2026 02:32:11 PM (IST)
नसबंदी से पहले आवारा कुत्तों की हुई आरती और तिलक, जगदलपुर महापौर ने दूध-आहार खिलाकर किया ABC सेंटर का शुभारंभ
नसबंदी से पहले कुत्तों को टीका लगाते महापौर संजय पांडेय।

HighLights

  1. रेबीज रोकथाम पर निगम का विशेष फोकस
  2. 22 डॉग का होगा टीकाकरण और उपचार
  3. पशु क्रूरता रोकने समिति भी बनाई गई

नईदुनिया प्रतिनिधि, जगदलपुर: शहर में पहली बार आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान की शुरुआत धार्मिक और संवेदनशील तरीके से की गई। महाराणा प्रताप वार्ड स्थित एसएलआरएम (सॉलिड-लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट) डोंगरी सेंटर परिसर में नगर निगम द्वारा स्थापित एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC Center) सेंटर का शुभारंभ महापौर संजय पांडेय ने किया। इस दौरान उन्होंने आवारा कुत्तों की विधिवत पूजा-अर्चना की, माथे पर तिलक लगाया और उन्हें दूध व आहार खिलाकर अभियान की शुरुआत की।

रेबीज रोकथाम और सुरक्षा पर फोकस

महापौर संजय पांडेय ने कहा कि निगम का उद्देश्य केवल आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करना नहीं है, बल्कि रेबीज जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम करना भी है। लंबे समय से शहर में आवारा कुत्तों के झुंड, काटने की घटनाओं और रात में लोगों को होने वाली परेशानियों की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने पशु चिकित्सा विभाग और पशु प्रेमी संस्थाओं के सहयोग से यह अभियान शुरू किया है।


22 श्वानों का होगा उपचार और टीकाकरण

फिलहाल धरमपुरा क्षेत्र से पकड़े गए 22 आवारा श्वानों को एबीसी सेंटर में रखा गया है। यहां स्नेह एनिमल वेलफेयर सोसायटी के चिकित्सकों द्वारा उनका बधियाकरण, डी-वार्मिंग और रेबीज टीकाकरण किया जाएगा। उपचार के बाद तीन दिनों तक उनकी विशेष निगरानी की जाएगी। पूरी तरह स्वस्थ होने पर उन्हें उसी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, जहां से पकड़ा गया था।

पशु प्रेमी संस्थाओं की भी भागीदारी

अभियान में शहर की पशु प्रेमी संस्था स्ट्रे सेफ फाउंडेशन भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। संस्था के लुप्तेश जगत को निगरानी समिति में शामिल किया गया है। उनका दायित्व यह सुनिश्चित करना होगा कि श्वानों को पकड़ने, उपचार और छोड़ने की प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की क्रूरता न हो।

कार्यक्रम में नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, एमआइसी सदस्य संग्राम सिंह राणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

हर महीने 500 श्वानों का लक्ष्य

नगर निगम ने एबीसी अभियान को दीर्घकालिक योजना के रूप में तैयार किया है। निगम प्रशासन का लक्ष्य हर महीने लगभग 500 आवारा श्वानों का बधियाकरण और टीकाकरण करना है। इसके लिए श्वानों को पकड़ने, उपचार, ऑपरेशन और निगरानी के लिए अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं।

निगम ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। किसी भी वार्ड में आवारा कुत्तों से जुड़ी सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 1100 जारी किया गया है, ताकि टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर सके।

पूजा की थाली बनी चर्चा का केंद्र

एबीसी सेंटर के उद्घाटन समारोह में सबसे अधिक चर्चा उस क्षण की रही, जब महापौर संजय पांडेय ने आवारा कुत्तों की आरती उतारी और तिलक लगाया। उन्होंने अपने हाथों से उन्हें दूध और भोजन भी खिलाया। नगर निगम का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल पशु नियंत्रण नहीं, बल्कि पशुओं के प्रति संवेदनशील और मानवीय व्यवहार का संदेश देना भी है।