
नईदुनिया न्यूज, जांजगीर : जिले में मौसम में बदलाव के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। स्क्रब टायफस के आठ संदिग्ध मामलों में से पांच मरीजों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। वहीं स्वाइन फ्लू के चार मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन एक्टिव मरीज बताए जा रहे हैं। स्क्रब टायफस से पीड़ित मरीजों में अकलतरा, जांजगीर और नवागढ़ क्षेत्र के लोग शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों की निगरानी और उपचार किया जा रहा है।
स्क्रब टायफस संक्रमित माइट यानी एक प्रकार के सूक्ष्म कीड़े के काटने से फैलने वाली बीमारी है। ग्रामीण और खेतों में काम करने वाले लोगों में इसका जोखिम अधिक रहता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। लगातार तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
एक मरीज में फेफड़े, दूसरे में मस्तिष्क तक पहुंचा संक्रमण
जिले में मिले स्क्रब टायफस के मरीजों में दो की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। एक मरीज में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचने से सांस संबंधी परेशानी हुई, जबकि दूसरे मरीज में संक्रमण मस्तिष्क तक पहुंचने की बात सामने आई है। दोनों का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। हालांकि मरीजों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।
दो साल पहले स्क्रब टायफस से हुई थी 10 लोगों की मौत
जिले में करीब दो साल पहले स्क्रब टायफस के संक्रमण से 10 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद अब दोबारा मामले सामने आने से चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमित माइट के काटने से बीमारी फैलती है और शुरुआती लक्षणों को सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज करने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
जांच सुविधा की कमी से मरीजों को जाना पड़ रहा बाहर
जिले में स्क्रब टायफस की जांच की सुविधा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के बाद भी जिले में कई जांचों की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण गंभीर या संदिग्ध मरीजों को बड़े अस्पतालों में जांच के लिए जाना पड़ रहा है। स्वाइन फ्लू के मरीजों की भी पुष्टि बाहरी अस्पतालों में जांच के बाद हुई है।
विशेषज्ञ की सलाह : बुखार को सामान्य न समझें
चिकित्सकों के अनुसार स्क्रब टायफस की शुरुआत सामान्य बुखार और शरीर पर चकत्ते पड़ने से हो सकती है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह फेफड़े, हृदय, लीवर, मस्तिष्क और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता है। लगातार बुखार रहने, शरीर पर दाने या काला निशान दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
काला निशान दिखे तो बरतें सावधानी
स्क्रब टायफस में माइट के काटने वाली जगह पर काला निशान यानी एस्कर दिखाई दे सकता है। खेतों, झाड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। शरीर को ढंककर रखें और संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए अस्पताल में जांच कराएं।