दिन में सन्नाटा और रात होते ही ट्रकों की आवाजाही, बम्हनीडीह के सोठी गांव में अवैध रेत परिवहन को लेकर मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़ के बम्हनीडीह थाना अंतर्गत ग्राम सोठी में अवैध रेत के खिलाफ प्रशासन की पूर्व में की गई कार्रवाई के बावजूद माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे ह...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 08:36:04 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 08:36:04 PM (IST)
रेत को जब्त करने की कार्रवाई करते तत्कालीन तहसीलदार, फाइल फोटोHighLights
- बम्हनीडीह क्षेत्र में रेत माफियाओं के हौसले बुलंद।
- अंधेरे का फायदा उठाकर रेत खपाने में जुटे माफिया।
- ग्रामीणों ने प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की लगाई गुहार।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जांजगीर-चांपा : ग्राम सोठी में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी कारोबार पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है। प्रशासन द्वारा पूर्व में करीब 450 घनमीटर रेत जब्त करने और अवैध परिवहन में लगे ट्रैक्टर पर कार्रवाई किए जाने के बावजूद ग्रामीणों ने रात के अंधेरे में फिर से रेत के अवैध भंडारण और परिवहन का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि दिन में कार्रवाई के बाद गतिविधियां थमी नजर आती हैं, लेकिन रात होते ही रेत से भरे वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है। ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार सोठी में बाबूलाल के बड़े बाउंड्रीवाल के भीतर रात के समय रेत का भंडारण किए जाने की बात सामने आ रही है।
आरोप है कि अंधेरे का फायदा उठाकर रेत को यहां जमा किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने खनिज विभाग से मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
कार्रवाई के बाद भी नहीं बना डर का माहौल
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध रेत भंडारण के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद कारोबारियों में कार्रवाई का पर्याप्त भय नजर नहीं आ रहा है। रात के समय वाहनों की आवाजाही बढ़ने के आरोपों ने प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कार्रवाई के कुछ ही समय बाद उसी क्षेत्र में गतिविधियां फिर शुरू हो जाती हैं तो रात्रिकालीन निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
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रात में निगरानी बढ़ाने की मांग
स्थानीय लोगों के अनुसार केवल अवैध रेत मिलने के बाद जब्ती की कार्रवाई करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। संवेदनशील क्षेत्रों और रेत परिवहन के मार्गों पर रात में लगातार निगरानी, वाहनों की जांच और संदिग्ध भंडारण स्थलों का निरीक्षण जरूरी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से विशेष रात्रिकालीन अभियान चलाकर अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण की जांच तथा दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।