

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: दीपका क्षेत्र की ग्राम पंचायत झाबर ने हायर सेकेंडरी और कालेज के छात्रों में देसी कच्ची शराब की बढ़ती लत को देखते हुए गांव को नशा मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा और सख्त फैसला लिया है। गांव में आयोजित विशेष ग्राम सभा में सर्वसम्मति से ऐसे नियम लागू किए गए हैं, जिनके तहत शराब या अन्य नशीले पदार्थ बेचने वालों पर 10 हजार रुपये तथा खरीदने या सार्वजनिक स्थान पर नशा करते पकड़े जाने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि कच्ची शराब के सेवन की प्रवृत्ति से बच्चों की पढ़ाई, पारिवारिक माहौल और सामाजिक जीवन पर साफ दिखाई देने लगा था। इसी चिंता के चलते पंचायत, ग्रामीणों और दीपका पुलिस ने मिलकर गांव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया। दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू की मौजूदगी में हुई बैठक में नशे से होने वाले सामाजिक और पारिवारिक दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के आसपास अवैध रूप से तैयार होने वाली देसी कच्ची शराब आसानी से उपलब्ध होने के कारण किशोर और युवा इसकी ओर आकर्षित हो रहे थे। ग्राम सभा में इस बात पर विशेष चिंता जताई गई कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसका दुष्प्रभाव पूरे गांव के सामाजिक ताने-बाने पर पड़ेगा। इसी कारण ग्रामीणों ने केवल पुलिस कार्रवाई पर निर्भर रहने के बजाय सामाजिक भागीदारी का रास्ता चुना और हर परिवार से इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। चर्चा के बाद तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
निर्णय लिया गया कि गांव में शराब या अन्य नशीले पदार्थ बनाने अथवा बेचने वाले व्यक्ति पर 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। नशीले पदार्थ खरीदने वाले तथा सार्वजनिक स्थान पर शराब पीते या नशा करते पकड़े जाने वाले व्यक्ति से पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। पंचायत ने स्पष्ट किया कि इन नियमों का उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि गांव को नशा मुक्त बनाकर युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना है।
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नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए महिला कमांडर समिति का गठन किया गया है। समिति पुलिस के समन्वय से गांव में निगरानी करेगी और अवैध शराब या नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देगी। समिति की अध्यक्ष नोनी बाई कंवर, उपाध्यक्ष राधा बाई महंत और सचिव शेषमति पटेल को चुना गया है। सभी ने गांव को नशा मुक्त बनाने और पुलिस के साथ मिलकर अभियान चलाने का संकल्प लिया। पुलिस प्रशासन ने भी ग्रामीणों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
छात्रों का भविष्य बचाने के लिए जरूरी था फैसला
सरपंच रामसिंह कंवर का पिछले कुछ समय से गांव के हायर सेकेंडरी और कॉलेज के कुछ छात्र देसी कच्ची शराब की चपेट में आने लगे थे। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई थी। ग्राम सभा में सभी ग्रामीणों ने मिलकर यह निर्णय लिया कि अब गांव में नशे को किसी भी कीमत पर बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। यह फैसला युवाओं के भविष्य और गांव के बेहतर वातावरण के लिए लिया गया है।
महिलाएं अब नशे के खिलाफ संभालेंगी मोर्चा
महिला कमांडर समिति की अध्यक्ष नोनी बाई कंवर का कहना है कि शराब की वजह से कई परिवारों में विवाद और आर्थिक परेशानियां बढ़ रही थीं। महिलाओं ने सबसे अधिक इसका असर देखा है। अब महिला कमांडर समिति गांव में नियमित निगरानी करेगी। कहीं भी अवैध शराब बनने, बिकने या सार्वजनिक स्थान पर नशा होने की जानकारी तुरंत पुलिस और पंचायत को दी जाएगी। हमारा लक्ष्य झाबर को पूरी तरह नशा मुक्त बनाना है।
समाज साथ आए तो नशे पर लगेगी प्रभावी रोक दीपका पुलिस अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। लेकिन केवल पुलिस के प्रयास से यह समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकती। जब पंचायत, महिलाएं और ग्रामीण मिलकर जिम्मेदारी निभाते हैं, तब ऐसे अभियान सफल होते हैं। झाबर ने जो पहल की है, वह पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल बन सकती है। पुलिस आगे भी गांव के हर अभियान में पूरा सहयोग करेगी।प्रेमचंद साहू, थाना प्रभारी, दीपका