कहीं आप भी तो नहीं कर रहे यह भूल? फाइनेंस कर्मचारी ने दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उड़ाए 12 लाख
कोरबा में एक 'प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी शशांक सिंह पर लोन बंद कराने और किस्त जमा करने के नाम पर तीन ग्राहकों से करीब 12 लाख रुपये ठगने का आरो...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 11 Aug 2026 12:44:57 PM (IST)Updated Date: Tue, 11 Aug 2026 12:44:57 PM (IST)
आरोपित फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी शशांक सिंहHighLights
- एक 'प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ने लोन बंद कराने के नाम पर की ठगी।
- दस्तावेजों के दुरुपयोग से दूसरों के नाम पर उठाए फर्जी लोन।
- 12 लाख का फर्जीवाड़ा कर फरार, दिल्ली में पुलिस दे रही दबिश।
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: एक 'प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के के कर्मचारी शशांक सिंह पर लोगों को लोन दिलाने के बाद किस्त और लोन बंद कराने की रकम अपने खाते में जमा कराने तथा कंपनी में राशि जमा नहीं करने के आरोप लगे हैं। अब तक तीन मामलों में करीब 12 लाख रुपये की ठगी की शिकायत सामने आई है। आरोपित पर आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का दुरुपयोग कर पीड़ितों के नाम पर दूसरे ऋण कराने और उनसे खरीदा सामान अपने पास रखने का भी आरोप है।
बालको क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत में बताया कि शशांक ने लोन की किस्त या खाता बंद कराने के नाम पर करीब दो लाख रुपये अपने खाते में जमा करा लिए, लेकिन राशि लोन खाते में जमा नहीं की। इस शिकायत पर बालको पुलिस ने उसके खिलाफ अमानत में खयानत का अपराध दर्ज किया है।
इसी तरह बजरंग चौक राताखार निवासी संदीप सिंह, जो दीनदयाल मार्केट, पावर हाउस रोड में जूस सेंटर चलाते हैं, ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है। संदीप के अनुसार उन्होंने जुलाई 2025 में बजाज फाइनेंस से 5,49,856 रुपये का ऋण लिया था। मासिक किस्त 14,164 रुपये और अवधि 63 महीने निर्धारित थी।
शिकायत के अनुसार शशांक खुद को एक 'प्राइवेट फाइनेंस कंपनी का अधिकृत कर्मचारी बताकर संदीप के जूस सेंटर पहुंचा। उसने कहा कि लंबी अवधि तक किस्त चुकाने के बजाय पांच लाख रुपये एकमुश्त देने पर वह लोन बंद करा देगा। भरोसा करके संदीप ने उसे चार अगस्त 2025 को एक लाख और 18 अगस्त को दो लाख रुपये के दो स्वहस्ताक्षरित चेक दिए।
दोनों चेक शशांक ने भुना लिए। इसके अलावा दो लाख रुपये नकद भी दिए गए। इस तरह कुल पांच लाख रुपये लेने के बाद भी लोन बंद नहीं कराया गया। संदीप ने पुलिस अधीक्षक को इसकी शिकायत की है। बालको पुलिस ने शशांक के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र में भी इसी तरह पांच लाख रुपये की ठगी की शिकायत सामने आई है। तीनों मामलों में शिकायतों की रकम करीब 12 लाख रुपये है।
दस्तावेज लेकर दूसरे ऋण कराने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शशांक ने लोन बंद कराने के नाम पर आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी लिए। बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम से दूसरी वित्तीय कंपनियों से ऋण करा लिए गए। आरोप है कि इन ऋणों से खरीदा गया सामान भी शशांक अपने पास रख लेता था। पुलिस अब इन आरोपों की भी जांच कर रही है।
दिल्ली में छिपने की जानकारी
पुलिस के अनुसार अपराध दर्ज होने के बाद से शशांक फरार है और उसके दिल्ली में छिपे होने की जानकारी मिली है। बताया गया है कि वह एसईसीएल के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी का पुत्र है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।