रूस और साइबेरिया से 6 हजार किलोमीटर उड़कर कोरबा आए थे मेहमान; आकाशीय बिजली गिरने से छह की मौत
कोरबा जिले के करतला थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर में गुरुवार सुबह भारी बारिश के दौरान दशहरा चौक स्थित इमली के पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरने से ६ साइबेरिय...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 03:01:06 PM (IST)Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 03:01:06 PM (IST)
करतला में आकाशीय बिजली गिरने से साइबेरियन पक्षियों की मौत।HighLights
- इमली पेड़ में आकाशीय बिजली गिरने से छह साइबेरियन पक्षियों की मौत
- हजारों किलोमीटर की उड़ान भरकर पहुंचते हैं कोरबा
- करतला के ग्रामीणों ने तड़ित चालक की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: करतला थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर में गुरुवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से छह साइबेरियन पक्षियों की मौत हो गई। गरज-चमक के साथ हुई बारिश के दौरान दशहरा चौक स्थित इमली के एक पेड़ पर बिजली गिर गई। उस समय पेड़ पर बड़ी संख्या में साइबेरियन पक्षी बैठे हुए थे। तेज झटके की चपेट में आने से छह पक्षियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल है।
ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष बरसात के मौसम में बड़ी संख्या में साइबेरियन पक्षी रामपुर और आसपास के कनकी क्षेत्र में पहुंचते हैं। गांव के लोग इन्हें शुभ मानते हैं और इनके आगमन को अच्छे मौसम तथा समृद्धि का संकेत मानते हैं। यही वजह है कि ग्रामीण भी इन पक्षियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हैं। घटना के बाद ग्रामीणों ने गांव में लगे तड़ित चालक की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सुरक्षा के लिए तड़ित चालक लगाए गए हैं, इसके बावजूद बिजली सीधे पेड़ पर गिरी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि उस समय पेड़ के नीचे लोग मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने प्रशासन से सभी तड़ित चालकों की तकनीकी जांच कराने, खराब उपकरणों को बदलने और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त क्षमता वाले तड़ित चालक लगाने की मांग की है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत पक्षियों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वन अधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष इन प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है। पक्षियों के ठहरने वाले स्थानों की निगरानी की जाती है तथा शिकार या नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि पक्षियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय किए जा सकें।
हजारों किलोमीटर की उड़ान भरकर पहुंचते हैं कोरबा
रामपुर और कनकी क्षेत्र में हर वर्ष आने वाले साइबेरियन पक्षी मध्य एशिया, साइबेरिया, मंगोलिया तथा रूस के ठंडे इलाकों से लंबी यात्रा कर भारत पहुंचते हैं। इनमें से कई प्रजातियां लगभग तीन हजार से छह हजार किलोमीटर या इससे भी अधिक दूरी तय करती हैं। अत्यधिक ठंड और भोजन की कमी के कारण ये पक्षी हर वर्ष अपेक्षाकृत गर्म क्षेत्रों की ओर पलायन करते हैं। कोरबा जिले का कनकी और आसपास का इलाका इनके लिए सुरक्षित ठिकाना माना जाता है, जहां पर्याप्त भोजन, जल स्रोत और ऊंचे पेड़ उपलब्ध हैं। मौसम अनुकूल होने तक ये पक्षी यहां डेरा डालते हैं और फिर अपने मूल आवास की ओर लौट जाते हैं। प्रवासी पक्षियों का नियमित आगमन किसी क्षेत्र के संतुलित पर्यावरण और बेहतर जैव विविधता का भी महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।