कोरबा में पिता के मौत के बाद बेटे ने मां और बहन को जमीन के हक से किया बेदखल
कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र में एक बेटे ने राजस्व अधिकारियों से सांठगांठ कर मृत पिता की सात एकड़ से अधिक जमीन से अपनी मां और बहन का नाम फर्जी दस्तावेजों के सहारे कटवा दिया।
Publish Date: Thu, 05 Nov 2026 10:14:24 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Nov 2026 10:14:24 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- कोरबा में बेटे ने मां और बहन का नाम जमीन से कटवाया।
- राजस्व अमले से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप।
- एसडीएम कोर्ट से स्टे मिलने के बावजूद हेरफेर, आईजी से शिकायत।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: पति की मौत के बाद जिस जमीन पर पत्नी और बच्चों का संयुक्त अधिकार था, उसी जमीन से बेटे ने मां और बहन का नाम हटवा दिया। पीड़ित महिला ने बेटे पर राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और राजस्व अभिलेखों में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। महिला ने इस मामले की शिकायत आइजी से की गई है।
कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परला में रहने वाली जैबुननिशा के पति गुलाम रसूल की मृत्यु वर्ष 2006 में हो गई थी। उनके नाम पर गांव में सात एकड़ 80 डिसमिल जमीन थी। पति की मौत के बाद महिला, उनकी बेटियों शबाना खान व जाहिदा खान और बेटे गुलाम हैदर के नाम संयुक्त खातेदार के रूप में दर्ज थे। महिला का आरोप है कि बेटे ने राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों से सांठगांठ कर बिना उनकी जानकारी और सहमति के उनका व बेटी का नाम अभिलेखों से कटवा दिया। शिकायत में दोषियों के खिलाफ जुर्म दर्ज करने की मांग की गई है।
अपील पर मिल चुका है स्टे महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोड़ी-उपरोड़ा के न्यायालय में अपील प्रस्तुत की थी। इसके तहत दर्ज इस अपील में 19 फरवरी 2026 को स्थगन आदेश पारित किया गया था। इसके बावजूद राजस्व अभिलेखों में नाम विलोपित कर दिया गया। महिला ने इसे न्यायालयीन आदेश की अवहेलना बताया है।
फर्जी दस्तावेज पेश कर किया गया हेरफेर
शिकायतकर्ता जैनुनिशा का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद उन्होंने किसी के पक्ष में न तो वसीयत की थी और न ही हक त्याग पत्र या दानपत्र निष्पादित किया था। इसके बावजूद उनका और बेटी का नाम जमीन से हटा दिया गया। महिला ने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने गुलाम हैदर और सहयोग करने वाले अन्य लोगों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।