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CG में लव मैरिज बनी सजा: 11 साल से दंपती का बच्चों सहित हुक्का-पानी बंद, सामाजिक कार्यक्रमों में रोक; पीड़ित ने थाने में लगाई गुहार

पाली के ग्राम पोंड़ी निवासी अशोक कुमार प्रजापति ने अंतरजातीय विवाह के बाद 11 वर्षों से सामाजिक बहिष्कार झेलने का आरोप लगाया है।

By Pradeep BarmaiyaEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sun, 07 Jun 2026 07:47:30 AM (IST)Updated Date: Sun, 07 Jun 2026 07:47:30 AM (IST)
CG में लव मैरिज बनी सजा: 11 साल से दंपती का बच्चों सहित हुक्का-पानी बंद, सामाजिक कार्यक्रमों में रोक; पीड़ित ने थाने में लगाई गुहार
अंतरजातीय विवाह के बाद समाज ने दंपती का बहिष्कार किया।

HighLights

  1. 11 वर्षों से परिवार सामाजिक प्रताड़ना झेलने को मजबूर
  2. सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने पर कथित रोक लगाई
  3. माता-पिता से समाज में वापसी के नाम पर जुर्माना लिया

नईदुनिया प्रतिनिधि, पाली। अंतरजातीय विवाह करने के बाद पिछले 11 वर्षों से सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहे एक युवक ने थाना पाली पहुंचकर न्याय की मांग की है। ग्राम पोंड़ी (लाफा) निवासी अशोक कुमार प्रजापति ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि समाज के कुछ लोगों द्वारा उन्हें और उनकी पत्नी को वर्षों से प्रताड़ित किया जा रहा है।

वर्ष 2015 में किया था अंतरजातीय विवाह

अशोक कुमार प्रजापति ने अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने चार जुलाई 2015 को मनीषा कंवर के साथ प्रेम विवाह किया था। विवाह अंतरजातीय होने के कारण समाज की बैठक बुलाई गई, जिसमें दोनों को समाज से बहिष्कृत करने और हुक्का-पानी बंद करने का निर्णय लिया गया।


सामाजिक कार्यक्रमों से रखा गया दूर

शिकायत में कहा गया है कि विवाह के बाद से उन्हें और उनकी पत्नी को विवाह समारोह, षष्ठी कार्यक्रम, मृत्यु संस्कार और अन्य सामाजिक आयोजनों में शामिल नहीं होने दिया गया। अशोक का आरोप है कि उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से समाज में पुनः शामिल करने के नाम पर आर्थिक दंड भी लिया गया, लेकिन उन्हें और उनकी पत्नी को आज तक स्वीकार नहीं किया गया।

मृत्यु भोज कराने और रिश्तों पर रोक का आरोप

अशोक ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि उनके जीवित रहते कथित रूप से मृत्यु भोज आयोजित किया गया। साथ ही रिश्तेदारों और स्वजनों को उनसे मिलने-जुलने से भी रोका गया। उन्होंने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए पुलिस प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पीड़ित का कहना है कि लंबे समय से सामाजिक बहिष्कार झेलने के कारण परिवार का सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।