
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनी जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने कोरबा जिले के पाली विकासखंड स्थित मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड (एमसीसीपीएल) को खरीदने का निर्णय लिया है। कंपनी ने 1,410 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्य पर कोलाहाई इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड और एसएफआइ पार्सल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एमसीसीपीएल, जेएसडब्ल्यू एनर्जी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन जाएगी।
बांधाखार में स्थित 300 मेगावाट क्षमता वाला यह ताप विद्युत संयंत्र जुलाई 2015 से बिजली उत्पादन कर रहा है। उद्योग जगत में इस सौदे को केवल स्वामित्व परिवर्तन के रूप में नहीं, बल्कि कोरबा के औद्योगिक परिदृश्य में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि सभी नियामकीय स्वीकृतियां मिलने के बाद 31 जुलाई 2026 तक अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम की भूमि हस्तांतरण अनुमति और ऋणदाताओं की मंजूरी मिलना अभी शेष है।
जेएसडब्ल्यू एनर्जी के संयुक्त प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी शरद महेंद्र ने कहा कि मारुति क्लीन कोल एंड पावर एक मजबूत परिचालन परिसंपत्ति है, जो अधिग्रहण के पहले दिन से ही कंपनी की आय और नकदी प्रवाह को मजबूती देगी। उनके अनुसार यह सौदा कंपनी के ऊर्जा पोर्टफोलियो को संतुलित और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बताया जा रहा है कि कंपनी भविष्य में बांधाखार संयंत्र की क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार कर सकती है। इसके साथ ही इस सौदे के दायरे में आने वाली रतिजा स्थित कोल वाशरी का संचालन भी जारी रहेगा।
पाली विकासखंड के ग्रामीण और जनजातीय बहुल क्षेत्र में देश के बड़े औद्योगिक समूह के प्रवेश से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जेएसडब्ल्यू समूह पिछले कुछ वर्षों से छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र में लगातार विस्तार कर रहा है। इससे पहले कंपनी जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा स्थित केवीके पावर प्लांट का अधिग्रहण कर चुकी है। अब कोरबा में प्रवेश के साथ कंपनी ने देश के सबसे बड़े कोयला उत्पादक क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा दी है।
मारुति क्लीन कोल एंड पावर का संबंध एसीबी समूह से रहा है, जिसकी कोरबा जिले में कोल वाशरी और ऊर्जा परियोजनाओं में लंबे समय से सक्रिय भागीदारी रही है। कभी कोयला परिवहन और वाशरी कारोबार में प्रभावी माने जाने वाले इस समूह ने बदलती प्रतिस्पर्धी परिस्थितियों के बीच यह सौदा किया है, जिसे औद्योगिक हलकों में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ को मिलती है पांच प्रतिशत बिजली
कंपनी के लिए यह अधिग्रहण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मारुति क्लीन कोल एंड पावर के पास बिजली बिक्री के दीर्घकालिक समझौते मौजूद हैं। राजस्थान की वितरण कंपनियों को पीटीसी इंडिया के माध्यम से 195 मेगावाट बिजली आपूर्ति की व्यवस्था है, जबकि उत्पादित बिजली का पांच प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ की बिजली वितरण कंपनी को उपलब्ध कराया जाता है। शेष बिजली खुले बाजार में बेची जाती है। संयंत्र के लिए कोयला आपूर्ति एसईसीएल के साथ दीर्घकालिक व्यवस्था और शक्ति योजना के तहत सुनिश्चित है।
जेएसडब्ल्यू-मारुति डील : एक नजर में
अधिग्रहण के बाद जेएसडब्ल्यू की स्थिति