
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: कोरबा वनमंडल के पसरखेत वन परिक्षेत्र अंतर्गत कोरकोमा और कोलगा परिसर में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तेंदुए ने दो दिन के भीतर एक बैल और एक भैंस का शिकार कर दिया। लगातार हुई घटनाओं के बाद ग्रामीण जंगल की ओर जाने से परहेज कर रहे हैं। खेती-किसानी के लिए जंगल पर निर्भर परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है।
पहली घटना 27 मई की है। कर्रानारा बस्ती निवासी आमासो उरांव ने अपने बैलों को चरने के लिए जंगल भेजा था। शाम तक एक बैल वापस लौट आया, जबकि दूसरा नहीं पहुंचा। खोजबीन के दौरान बैल कटंग नाला के पास मृत मिला। सूचना पर पहुंचे वन अमले ने मौके का निरीक्षण किया। वहां मिले पंजों के निशान से स्पष्ट हुआ कि बैल का शिकार तेंदुए ने किया है। दूसरी घटना 29 मई की सुबह सामने आई।
कोरकोमा निवासी दुहन सिंह राठिया की भैंस चरने के बाद घर नहीं लौटी। तलाश करने पर भैंस फिटकपारा के पास राइस मिल से कुछ दूरी पर जंगल की खाई में मृत मिली। वन विभाग की जांच में भैंस पर भी तेंदुए के हमले के निशान पाए गए। लगातार दो शिकार के बाद ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ प्रमलता यादव ने निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
एसडीओ दक्षिण सूर्यकांत सोनी और एसडीओ उत्तर राठिया के मार्गदर्शन में घटनास्थल के आसपास थर्मल कैमरे लगाए गए हैं, ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। वन विभाग ने पशु चिकित्सक से मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम भी कराया है। वन विभाग ने प्रभावित पशुपालकों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीणों से सतर्क रहने, अकेले जंगल नहीं जाने और मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ने की अपील की गई है। लगातार हो रही घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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