• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • कोरबा

कोरबा में तेंदुए का आतंक, 48 घंटे के भीतर बैल और भैंस का किया शिकार; सहमे ग्रामीण

कोरबा वनमंडल के पसरखेत रेंज अंतर्गत कोरकोमा और कोलगा क्षेत्र में तेंदुए ने दो दिन में एक बैल और एक भैंस का शिकार कर दिया है। इस घटना से ग्रामीणों में ...और पढ़ें

By Devendra GuptaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 02 Jun 2026 03:02:49 PM (IST)Updated Date: Tue, 02 Jun 2026 03:14:57 PM (IST)
कोरबा में तेंदुए का आतंक, 48 घंटे के भीतर बैल और भैंस का किया शिकार; सहमे ग्रामीण

HighLights

  1. तेंदुए के डर से ग्रामीणों ने जंगल की ओर जाना छोड़ा
  2. दो दिन में बैल और भैंस को बनाया अपना निवाला
  3. पीड़ितों को मुआवजा देगी सरकार, अकेले न जाने की अपील

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: कोरबा वनमंडल के पसरखेत वन परिक्षेत्र अंतर्गत कोरकोमा और कोलगा परिसर में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तेंदुए ने दो दिन के भीतर एक बैल और एक भैंस का शिकार कर दिया। लगातार हुई घटनाओं के बाद ग्रामीण जंगल की ओर जाने से परहेज कर रहे हैं। खेती-किसानी के लिए जंगल पर निर्भर परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है।

पहली घटना 27 मई की है। कर्रानारा बस्ती निवासी आमासो उरांव ने अपने बैलों को चरने के लिए जंगल भेजा था। शाम तक एक बैल वापस लौट आया, जबकि दूसरा नहीं पहुंचा। खोजबीन के दौरान बैल कटंग नाला के पास मृत मिला। सूचना पर पहुंचे वन अमले ने मौके का निरीक्षण किया। वहां मिले पंजों के निशान से स्पष्ट हुआ कि बैल का शिकार तेंदुए ने किया है। दूसरी घटना 29 मई की सुबह सामने आई।


कोरकोमा निवासी दुहन सिंह राठिया की भैंस चरने के बाद घर नहीं लौटी। तलाश करने पर भैंस फिटकपारा के पास राइस मिल से कुछ दूरी पर जंगल की खाई में मृत मिली। वन विभाग की जांच में भैंस पर भी तेंदुए के हमले के निशान पाए गए। लगातार दो शिकार के बाद ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ प्रमलता यादव ने निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

एसडीओ दक्षिण सूर्यकांत सोनी और एसडीओ उत्तर राठिया के मार्गदर्शन में घटनास्थल के आसपास थर्मल कैमरे लगाए गए हैं, ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। वन विभाग ने पशु चिकित्सक से मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम भी कराया है। वन विभाग ने प्रभावित पशुपालकों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीणों से सतर्क रहने, अकेले जंगल नहीं जाने और मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ने की अपील की गई है। लगातार हो रही घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

यह भी पढ़ें- वन्यजीवों पर गर्मी की मार: मरवाही में हीट स्ट्रोक से 5 साल की मादा भालू की तड़पकर मौत, वनमंडल में मचा हड़कंप