कोरबा में त्विषा जैसा दूसरा केस! दफनाने के 3 दिन बाद कब्र से निकाला महिला का शव, हत्या की आशंका
कोरबा के श्यांग थाना क्षेत्र के छिरहुट गांव में 23 वर्षीय विवाहिता घूरई बाई की संदिग्ध मौत के तीन दिन बाद प्रशासन ने कब्र खोदकर शव बाहर निकाला है। राय...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 20 Jun 2026 11:51:06 AM (IST)Updated Date: Sat, 20 Jun 2026 12:01:39 PM (IST)
जांच करने पहुंची टीम।HighLights
- मौत के तीन दिन बाद खोदी गई महिला की कब्र, हत्या के शक में की जा रही जांच
- पहले मासमले में दफनाने के 4 दिन बाद कब्र से निकाला गया था शव
- मायके पक्ष की शिकायत पर शव निकाला गया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: श्यांग थाना क्षेत्र के छिरहुट गांव में 23 वर्षीय नवविवाहिता की मौत के तीन दिन बाद कब्र खोदकर शव बाहर निकाला गया। मायके पक्ष ने पति पर हत्या का संदेह जताते हुए शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शव को कब्र से बाहर निकाला। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
ग्राम कुमा, थाना कापू, जिला रायगढ़ निवासी घूरई बाई की शादी करीब तीन वर्ष पहले छिरहुट निवासी दिलीप बैगा से हुई थी। दंपती का डेढ़ वर्ष का एक बच्चा भी है। 16 जून को घूरई बाई की मौत हो गई थी। पति और ससुराल पक्ष ने तबियत बिगड़ने से मौत होने की बात कहते हुए अंतिम संस्कार के बजाय शव को दफना दिया था।
मौत की सूचना मिलने पर मायके पक्ष ने परिस्थितियों पर संदेह जताया। स्वजन का आरोप है कि दिलीप बैगा चरित्र शंका को लेकर अक्सर पत्नी से विवाद करता था। इसी आधार पर उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए श्यांग थाना में शिकायत दर्ज कर शव कब से बाहर निकाल कर जांच कराने की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। शुक्रवार को एसडीओपी, थाना प्रभारी, सीन आफ क्राइम टीम तथा प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में गांव पहुंचकर कब्र की खुदाई कराई गई।
शव निकालने की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उधर, पति दिलीप बैगा ने हत्या के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी पत्नी की मौत बीमारी के कारण हुई थी। उसने खुद पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतिका के स्वजन और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संदेह की वजह बना पारिवारिक विवाद
मायके पक्ष का आरोप है कि पति दिलीप बैगा पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था, जिससे दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। स्वजन का दावा है कि इसी कारण घूरई बाई की हत्या की गई और साक्ष्य छिपाने के लिए जल्दबाजी में शव दफना दिया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा।
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यह घटना उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भलपहरी में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत के बाद, दफन किए जाने की है। चौथे दिन प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला था।
ससुराल पक्ष पर संगीन आरोप: मायके पक्ष ने मृतिका के पति मुकेश पाटले, सास और ससुर पर दहेज के लिए बेरहमी से मारपीट करने और सुनियोजित तरीके से हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।
बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार: परिजनों का दावा है कि विनीता की मौत के बाद शव को नहलाते समय उसके शरीर पर चोट के निशान थे और नाक-मुंह से खून आ रहा था, फिर भी ससुराल वालों ने बिना पोस्टमार्टम के जल्दबाजी में शव दफना दिया।