

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा : लेंटर ढलाई के दौरान मिक्सर मशीन के विद्युत लाइन के संपर्क में आने से मजदूर नवीन कुमार की मौत के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम कराए बिना दफना दिए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस ने शव को कब्र से बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम कराया था। अब पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह विद्युत करंट लगना बताया गया है।
रिपोर्ट के आधार पर पाली पुलिस ने मिक्सर मशीन मालिक विकास उईके और मशीन आपरेटर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 238 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है।
मामला पाली थाना अंतर्गत ग्राम नगोई का है। ग्राम पोड़ी मड़वामहुआ निवासी पूर्णिमा श्याम ने 19 जून को पाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उसका पति नवीन कुमार 15 जून को अन्य मजदूरों के साथ नगोई में लेंटर ढलाई के काम के लिए गया था।ढलाई के दौरान मिक्सर मशीन को लेंटर के स्तर पर सेट करने के लिए नवीन मशीन पर काम कर रहा था। इसी दौरान मशीन का ऊपरी हिस्सा विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया। करंट की चपेट में आने से नवीन बेहोश हो गया। उसे करीब दोपहर 1.30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
यह भी पढ़ें- मौत को मात देकर नदी किनारे जिंदगी की जंग लड़ता रहा मजदूर: आरोपियों की तलाश में जुटी कटघोरा थाना पुलिस
पीएम हुआ बताकर दफना दिया शव
मृतक की पत्नी का आरोप है कि नवीन की मौत के बाद मिक्सर मशीन मालिक विकास उईके ने स्वजनको पोस्टमार्टम हो जाने की जानकारी दी। इसके बाद स्वजन शव लेकर घर गए और उसी रात उसका कफन-दफन कर दिया। बाद में उन्हें पता चला कि शव का पोस्टमार्टम हुआ ही नहीं था। इसके बाद मृतक की पत्नी ने पुलिस से शिकायत कर मामले की जांच की मांग की।
पीएम में सामने आई मौत की वजह
शिकायत के बाद पुलिस ने पहले ही दफनाए गए शव का विधिवत बाहर निकाला कर पोस्टमार्टम कराया था। रिपोर्ट में नवीन कुमार की मौत विद्युत करंट लगने से होने की जानकारी सामने आने पर पुलिस ने मिक्सर मशीन मालिक विकास उईके और आपरेटर के विरुद्ध अपराध दर्ज किया है। मामले में अस्पताल की भूमिका को लेकर भी शिकायत की गई है। पुलिस यह जांच कर रही है कि पोस्टमार्टम नहीं होने के बावजूद स्वजन इसकी जानकारी कैसे दी गई और घटना के बाद आवश्यक प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं हुआ।