

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा:छुरी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के विद्यार्थी गुरुवार को एक बार फिर सड़क पर उतर गए। एक महीने के भीतर तीसरी बार विद्यार्थियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। विद्यालय की व्यवस्थाओं और प्राचार्य व छात्रावास अधीक्षक पर कार्रवाई की मांग को लेकर गुरूवार की सुबह करीब सात बजे कोरबा-कटघोरा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इस बार विद्यार्थियों की मांग थी कि एकलव्य विद्यालय समिति के अध्यक्ष कलेक्टर स्वयं मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनें।
एकलव्य आवासीय विद्यालय में कक्षा छठवीं से 12वीं तक के करीब 420 बच्चे रहकर अध्ययन कर रहे हैं। छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले इन बच्चों का कहना था कि साफ-सफाई, भोजन और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में लगातार परेशानी हो रही। विद्यालय समिति के अध्यक्ष कलेक्टर होते हैं। विद्यार्थी किसी अन्य अधिकारी के माध्यम से शिकायत रखने के बजाय सीधे समिति के अध्यक्ष के सामने अपनी बात रखना चाहते थे। उनका कहना था कि कई स्तरों पर शिकायत करने के बाद भी स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया।
प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन विद्यार्थी कलेक्टर के आने की मांग पर अड़े रहे। करीब चार घंटे तक चले चक्काजाम से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। अंततः 11 बजे एसडीएम तुलाराम भारद्वाज ने प्राचार्य और छात्रावास अधीक्षक के खिलाफ एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया और मार्ग पर आवागमन बहाल हो सका।
विद्यालय के कार्यक्रम में पहुंचे कटघोरा विधायक की गाड़ी के सामने बैठकर विद्यार्थियों ने अपनी मांगें रखी थीं। इसके बाद दो अगस्त को चक्का जाम आंदोलन किया गया था। उस वक्त कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने इस मामले की जांच की थी। जांच रिपोर्ट तैयार होने और आगे कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बावजूद विद्यार्थियों को तीसरी बार सड़क पर उतरना पड़ा।
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यातायात ठप, राहगीरों और यात्रियों को हुई परेशानी
चार घंटे तक चले चक्का जाम से कोरबा-कटघोरा मार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ा। जरूरी काम से निकलने वाले लोगों के साथ स्कूली बच्चों, मरीजों और बस यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। कई वाहन चालकों को जाम से बचने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। मार्ग बंद होने से आसपास के लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार यातायात बहाल कराने का प्रयास करते रहे।
गंदगी, खराब भोजन और पानी की समस्या से परेशान बच्चे
बच्चों ने बताया कि विद्यालय और छात्रावास में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद खराब है। कई जगह गंदगी रहती है और नियमित सफाई नहीं होती। छात्रावास में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। बच्चों का कहना है कि भोजन की शिकायत करने के बावजूद सुधार नहीं किया जाता। पीने के लिए शुद्ध पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इन समस्याओं को लेकर जब बच्चे अधीक्षक से शिकायत करते हैं तो उनका आरोप है कि अधीक्षक उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ दुर्व्यवहार करतीं हैं। इससे बच्चों में नाराजगी है और वे अपनी समस्याओं का स्थायी समाधान चाहते हैं।