
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा : सोते वक्त घर में चूहे के बिल से निकले सांप ने एक नाबालिग को डंस दिया। उपचार के लिए स्वजन अस्पताल ले गए, पर उसकी जान नहीं बच सकी। घटना दर्री प्रगति नगर क्षेत्र की है।मृतका की पहचान वैष्णवी उर्फ सन्नू 11 वर्ष के रूप में हुई है, जो कक्षा तीसरी की छात्रा थी। वैष्णवी के पिता राकेश महतो ने बताया कि शुक्रवार रात पूरा परिवार एक ही कमरे में सो रहा था। शनिवार सुबह करीब चार बजे वैष्णवी अचानक उठी और कान के पास किसी चीज के काटने की शिकायत करने लगी।
उसने कमरे में मौजूद चूहे के बिल की ओर इशारा किया, जहां कुछ हलचल दिखाई दे रही थी। स्वजन ने इसे चींटी या किसी अन्य कीड़े का काटना समझकर ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाया। कुछ देर बाद वैष्णवी की हालत बिगड़ने लगी और कान के पास सूजन बढ़ गई और उसे बेचैनी महसूस होने लगी। स्थिति गंभीर होते देख पिता को सांप के डसने की आशंका हुई। इसके बाद स्वजन, वैष्णवी को लेकर दर्री के एक निजी अस्पताल पहुंचे। जहां प्रारंभिक इलाज के बाद डाक्टरों ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए कोरबा मेडिकल कालेज अस्पताल रेफर कर दिया।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी हालत और खराब हो गई। मेडिकल कालेज में डाक्टरों ने इलाज कर से बचाने का प्रयास किया, पर अथक प्रयास के बाद भी वैष्णवी को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि मौसम में बदलाव और बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भरने लगता है, जिससे वे रिहायशी इलाकों की ओर निकल आते हैं।
ऐसे समय में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सांप के डसने को अक्सर लोग कीड़े या चींटी के काटने की घटना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए आशंका होने पर मरीज को 30 मिनट के भीतर नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, जहां एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध हो।
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