
नईदुनिया प्रतिनिधि, नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में माओवादियों की ओर से जंगल, रास्तों में बिछाए गए बारूद सुरक्षित तरीके से हटाया जा र हा है। सुरक्षा बलों ने नारायणपुर जिले के कोहकामेटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगल-पहाड़ी इलाके में खतरनाक विस्फोटक बरामद किया है। पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की संयुक्त टीम ने पांच किलोग्राम वजनी संदिग्ध प्रेशर कुकर आईईडी को मौके पर ही नियंत्रित विस्फोट के जरिए सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।
पुलिस सहायता केंद्र कुतुल के अंतर्गत ग्राम केहनार के पास विकास कार्यों के तहत बिजली के नए खंभे लगाने के लिए गड्ढे खोदे जा रहे थे। इसी दौरान वहां काम कर रहे श्रमिकों की नजर एक संदिग्ध प्रेशर कुकर पर पड़ी, जो जमीन के नीचे दबा हुआ था। श्रमिकों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और सुरक्षा शिविर के जवानों को दी। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तुरंत कार्रवाई दल का गठन किया गया।
सूचना मिलते ही सहायक उप निरीक्षक अंतु पोटाई के नेतृत्व में जिला बल और आईटीबीपी की 41वीं वाहिनी का विशेष बम निरोधक दस्ता तुरंत मौके के लिए रवाना हुआ। केहनार-कुतुल मार्ग पर कुतुल कैंप से लगभग सात किलोमीटर दूर फरसबेडा रोड के पास मिले इस आईईडी की जांच की गई। दस्ते ने मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सावधानी बरती और प्रेशर कुकर बम को नियंत्रित विस्फोट के माध्यम से मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया। इस सफल और जोखिम भरे ऑपरेशन के बाद पूरी टीम बिना किसी नुकसान के सुरक्षित अपने कैंप वापस लौट आई।
सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि अंदरूनी इलाकों में माओवादियों द्वारा पूर्व में दबाए गए बमों और विस्फोटकों का पता लगाने के लिए लगातार सर्चिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल, पहाड़ी रास्तों या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर लावारिस अवस्था में पड़ी वस्तु या प्रेशर कुकर को बिल्कुल न छुएं। ऐसी किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या सुरक्षा कैंप को दें ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।