पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ के 30 IAS और IPS अधिकारी संभालेंगे मोर्चा
Chhattisgarh News: देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ के भी 30 आइएएस-आइपीएस अधिकारी मोर्चा संभालेंगे। इसके लिए केंद्रीय ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 08 Feb 2026 12:45:57 PM (IST)Updated Date: Sun, 08 Feb 2026 12:45:56 PM (IST)
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ के 30 IAS और IPS अधिकारी संभालेंगे मोर्चाHighLights
- अगले महीने अधिसूचना जारी होने की संभावना
- इनका प्रशिक्षण वर्तमान में दिल्ली में चल रहा है
- बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुदुचेरी में होने हैं चुनाव
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ के भी 30 आइएएस-आइपीएस अधिकारी मोर्चा संभालेंगे। इसके लिए केंद्रीय चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ कैडर के सचिव स्तर के आइएएस और वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
अगले महीने अधिसूचना जारी होने की संभावना
इनका प्रशिक्षण वर्तमान में दिल्ली में चल रहा है। बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए अगले महीने अधिसूचना जारी होने की संभावना है।
इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
पर्यवेक्षकों की सूची में सचिव स्तर के कई प्रभावशाली नाम शामिल हैं। आइएएस अधिकारियों में ऋतु सेन, सिद्धार्थ कोमल परदेशी, नीलम एक्का, एस प्रकाश, भुवनेश यादव, एस. भारतीदासन, अंकित आनंद, शम्मी आबिदी, अवनीश शरण और सारांश मित्तर समेत अन्य शामिल हैं।
ये संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था की कमान
वहीं, सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के लिए पांच वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों को भी पर्यवेक्षक बनाया गया है। इनमें डॉ. आनंद छाबड़ा, रतनलाल डांगी, अजय कुमार यादव, अंकित गर्ग और बद्रीनारायण मीणा के नाम प्रमुख हैं। इन अधिकारियों की तैनाती से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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निर्वाचन आयोग ने ड्यूटी शर्तों में किया बदलाव
निर्वाचन आयोग ने इस बार पर्यवेक्षकों की ड्यूटी की शर्तों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पुराने नियमों के तहत पर्यवेक्षक नामांकन दाखिले के आखिरी दिन संबंधित क्षेत्र में पहुंचते थे, लेकिन अब उन्हें चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पहले दिन से ही अपने आवंटित क्षेत्र में उपस्थित रहना होगा। इस बदलाव के कारण अधिकारियों को सात दिन की अतिरिक्त ड्यूटी करनी होगी।