

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्य सरकार ने मुख्यधारा में लौटने वाले 66 आत्मसमर्पित इनामी माओवादियों को पुनर्वास नीति-2025 के तहत छह करोड़ 60 लाख रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि देने की स्वीकृति दी है। राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।
राज्य में लागू माओवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत पांच लाख रुपये या उससे अधिक के इनामी आत्मसमर्पित माओवादियों को विशेष आर्थिक सहायता दी जा रही है। जिन आत्मसमर्पित माओवादियों को शासकीय सेवा नहीं दी जाती, उन्हें इसके बदले एकमुश्त प्रोत्साहन राशि का प्रविधान किया गया है।
बीजापुर जिले के लच्छू फरसा को पांच लाख रुपये, मिटकी ककेम उर्फ सरिता को आठ लाख रुपये, सीनू पदम उर्फ चिन्ना को आठ लाख रुपये, सुशीला हेमला उर्फ बुज्जी उर्फ विमला हेमला को पांच लाख रुपये तथा लक्ष्मी माड़वी उर्फ खुटो को आठ लाख रुपये दिए जाएंगे। अन्य पात्र आत्मसमर्पित माओवादियों को भी निर्धारित पात्रता के अनुसार राशि वितरित की जाएगी।
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पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को तत्काल नकद सहायता, 36 माह तक प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय तथा बड़े हथियारों या विस्फोटकों की जानकारी देने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन और इनाम राशि का भी प्रविधान है।