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नवा रायपुर में ₹800 करोड़ की टाउन डेवलपमेंट स्कीम का टेंडर रद, तकनीकी और वित्तीय बोली एक साथ खुलने से लीक हुईं दरें; गोपनीयता पर उठे सवाल

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने करीब 800 करोड़ रुपये की टाउन डेवलपमेंट स्कीम (टीडीएस) की निविदा प्रक्रिया रद कर दी है।

By Jitendra DahiyaEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Wed, 01 Jul 2026 11:00:18 PM (IST)Updated Date: Wed, 01 Jul 2026 11:00:18 PM (IST)
नवा रायपुर में ₹800 करोड़ की टाउन डेवलपमेंट स्कीम का टेंडर रद, तकनीकी और वित्तीय बोली एक साथ खुलने से लीक हुईं दरें; गोपनीयता पर उठे सवाल
नवा रायपुर में ₹800 करोड़ की टाउन डेवलपमेंट स्कीम का टेंडर रद( एआई फोटो)

HighLights

  1. 800 करोड़ रुपये की टाउन डेवलपमेंट स्कीम की निविदा प्रक्रिया रद
  2. तकनीकी और वित्तीय बोलियां एक साथ खुलने से ई-टेंडरिंग प्रक्रिया पर उठे सवाल
  3. एनआरडीए ने कहा- तकनीकी जांच के बाद जल्द जारी होगी नई निविदा

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने करीब 800 करोड़ रुपये की टाउन डेवलपमेंट स्कीम (टीडीएस) की निविदा प्रक्रिया रद कर दी है। 1,100 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना की तकनीकी और वित्तीय बोलियां एक साथ खुलने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद एनआरडीए ने पूरी प्रक्रिया निरस्त करने का निर्णय लिया।

वित्तीय बोली खोली जानी थी

टू-स्टेज टेंडर प्रक्रिया में पहले तकनीकी बोली और उसके बाद वित्तीय बोली खोली जानी थी, लेकिन कवर-ए और कवर-बी एक साथ खुलने से कंपनियों की तकनीकी पात्रता की जांच से पहले ही उनकी वित्तीय दरें सामने आ गईं। इसके बाद इंटरनेट मीडिया पर वित्तीय बोलियों की जानकारी प्रसारित होने लगी, जिससे ई-टेंडरिंग प्रक्रिया की गोपनीयता पर सवाल उठे। इस संबंध में नईदुनिया ने 27 जून के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।


तकनीकी पात्रता की जांच की जाती है

एनआरडीए के अनुसार कुछ कंपनियों ने तकनीकी दस्तावेजों के साथ वित्तीय प्रस्ताव भी अपलोड कर दिए थे, जिससे दरें सिस्टम में दिखाई देने लगीं। अधिकारियों ने बताया कि इस बार अलग इन्वेलप-सी का प्रावधान नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी। सरकारी परियोजनाओं में सामान्य प्रक्रिया के तहत पहले तकनीकी पात्रता की जांच की जाती है और उसके बाद ही वित्तीय बोलियां खोली जाती हैं।

नईदुनिया विचार

निविदा समिति ने अधिकतम 232.35 एकड़ जमीन डेवलपर को देने का प्रस्ताव रखा था। एनआरडीए के आकलन के अनुसार इस भूमि का मूल्य लगभग 4,500 रुपये प्रति वर्गफीट है, यानी कुल कीमत करीब 5,000 करोड़ रुपये बैठती है। ऐसे में 800 करोड़ रुपये की परियोजना के बदले इतनी मूल्यवान सरकारी जमीन देने के प्रस्ताव पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इस प्रस्ताव को तैयार करने वाले अधिकारियों और निविदा समिति की भूमिका की भी निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है।

वर्जन

"तकनीकी कारणों से कवर-ए और कवर-बी एक साथ खुल गए थे। मामले की तकनीकी जांच कराई गई है। निविदा प्रक्रिया रद कर दी गई है और जल्द ही नई निविदा जारी की जाएगी।"

- चंदन कुमार, सीईओ, एनआरडीए

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