रायपुर में कर्मचारी ने ही रची बैंकिंग फ्रॉड की साजिश, फर्जी रिक्वेस्ट से FD खाता तुड़वाया, लाखों रुपये उड़ाए
रायपुर के एक्सिस बैंक की देवेंद्र नगर शाखा में फर्जीवाड़ा सामने आया है। बैंक के उप प्रबंधक ने ग्राहक की सहमति के बिना फर्जी रिक्वेस्ट फॉर्म के जरिए मो...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 17 Aug 2026 09:49:51 AM (IST)Updated Date: Mon, 17 Aug 2026 09:50:47 AM (IST)
रायपुर में कर्मचारी ने ही रची बैंकिंग फ्रॉड की साजिश। - एआईHighLights
- बैंक उप प्रबंधक ने फर्जी रिक्वेस्ट से नंबर बदला
- ग्राहक की फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़कर निकाली रकम
- पुलिस ने कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से चौंकाने वाला बैंकिंग फ्रॉड का मामला सामने आया है। रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित एक्सिस बैंक की शाखा में एक ग्राहक के बैंक खाते से लगभग चौदह लाख सत्तानवे हजार रुपये की बड़ी धोखाधड़ी की गई है। इस गंभीर मामले में बैंक के उप प्रबंधक और अन्य लोगों की संलिप्तता पाई गई है, जिसके बाद पुलिस ने सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
एक्सिस बैंक की शाखा में खाता धारक सुषमा कुमार की जानकारी या सहमति के बिना उनके खाते में दर्ज मोबाइल नंबर को बदल दिया गया। आरोप है कि बैंक के उप प्रबंधक कुलदीप सिंह ने 17 जुलाई को फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म का इस्तेमाल कर मोबाइल नंबर में हेरफेर किया। नया मोबाइल नंबर किसी अन्य संदिग्ध व्यक्ति के पास पंजीकृत कर दिया गया, जिससे खाते की सारी गोपनीय डिजिटल जानकारी और बैंकिंग सुविधाओं तक अनाधिकृत पहुंच आसानी से मिल गई।
फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़कर ट्रांसफर की गई रकम
मोबाइल नंबर बदलने के बाद शातिर तरीके से बैंक मोबाइल ऐप का उपयोग किया गया। इसके जरिए ग्राहक की 14 लाख 40 हजार रुपये से अधिक की फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले ही जबरन बंद करवा दिया गया। यह पूरी राशि ग्राहक के मुख्य खाते में आ गई, जिसे अन्य बची हुई रकम के साथ मिलाकर कुल 14 लाख 97 हजार रुपये से ज्यादा का ट्रांजेक्शन कर दिया गया। यह सारा पैसा गुढ़ियारी शाखा स्थित इंडियन सेल्स के खाते में ट्रांसफर किया गया, जिसका संचालन प्रोपराइटर योगेश येडे द्वारा किया जाता है। इसके बाद चेक और एटीएम के माध्यम से इस पूरी रकम को नगद निकाल लिया गया।
सात अगस्त को लगी भनक
सात अगस्त को जब पीड़ित ग्राहक अपनी बैंक शाखा पहुंचीं, तब उन्हें अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी की भनक लगी। उन्होंने तुरंत बैंक प्रबंधन को सूचित किया, जिसके बाद बैंक स्तर पर आंतरिक जांच शुरू की गई। बैंक की आंतरिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद शाखा प्रमुख रितेन्द्र रामटेके ने गंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में बैंक के उप प्रबंधक कुलदीप सिंह और इंडियन सेल्स के प्रोपराइटर योगेश येडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस बैंक रिकॉर्ड, चेक प्रतियों और एटीएम ट्रांजेक्शन की पड़ताल कर रही है ताकि इस धोखाधड़ी में शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।