
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग अब निलंबित शिक्षकों की सेवाओं का भी उपयोग करने की तैयारी में है। अलग-अलग मामलों में निलंबित 800 से अधिक शिक्षकों के प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद पात्र पाए जाने वाले शिक्षकों को बहाल कर आवश्यकता के अनुसार स्कूलों में पदस्थ किया जाएगा।
विभाग की योजना ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने की है, जहां युक्तियुक्तकरण के बाद केवल एक शिक्षक रह गया है या विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इसके लिए जिला स्तर पर उन स्कूलों की सूची तैयार कराई जा रही है, जहां शिक्षकों की सबसे ज्यादा जरूरत है।
निलंबन से बहाली के बाद शिक्षकों को मनपसंद स्थान पर पोस्टिंग मिलने की संभावना को खत्म करने के लिए विभाग जरूरत आधारित पदस्थापना की व्यवस्था तैयार कर रहा है। स्कूलों की आवश्यकता के आधार पर बहाल शिक्षकों को संबंधित संस्थानों में भेजा जाएगा।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य उपलब्ध मानव संसाधन का बेहतर इस्तेमाल करना और शिक्षकों को सीधे उन कक्षाओं तक पहुंचाना है, जहां विद्यार्थियों को उनकी सबसे अधिक जरूरत है।
विभाग सभी निलंबित शिक्षकों के मामलों को एक समान नहीं मानेगा। प्रत्येक प्रकरण में निलंबन के कारण और वर्तमान स्थिति की अलग-अलग समीक्षा की जाएगी। जिन शिक्षकों पर गंभीर आरोप हैं, जिनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है या जिनके मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं, उनके प्रकरणों की अलग से जांच होगी।ऐसे मामलों में उपलब्ध तथ्यों और प्रकरण की स्थिति की पड़ताल करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रदेश के कई जिलों में स्कूली बच्चे शिक्षकों और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। विशेषकर एकल शिक्षकीय प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए विभाग उपलब्ध शिक्षकों का अधिक प्रभावी तरीके से उपयोग करना चाहता है।
इसी क्रम में निलंबित शिक्षकों के प्रकरणों की समीक्षा और पात्र शिक्षकों की बहाली को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और कर्मचारियों की अटैचमेंट व्यवस्था को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है। विभिन्न कार्यालयों और दूसरे स्कूलों में अटैच किए गए शिक्षक-कर्मचारियों को अब अपने मूल पदस्थापना स्थल पर वापस लौटना होगा।
बहाल या लौटाए गए कर्मचारियों की आनलाइन उपस्थिति भी उनके मूल पदस्थापना वाले स्कूल से ही दर्ज करनी होगी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अटैचमेंट समाप्त होने के बाद किसी शिक्षक या कर्मचारी को मूल पदस्थापना से बाहर रखने की व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी। मूल स्कूल नहीं लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन के बजाय वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मंगलवार को विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें एक दर्जन से अधिक मुद्दों की समीक्षा की गई। बैठक में स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, निलंबित शिक्षकों के प्रकरण और अटैचमेंट व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
विभाग का फोकस ऐसे शिक्षकों को कार्यालयों या उन स्थानों पर रखने के बजाय कक्षाओं तक पहुंचाने पर है, जहां विद्यार्थियों की संख्या और जरूरत के हिसाब से शिक्षक कम हैं।
प्रदेश में अलग-अलग कारणों से वर्तमान में 800 से अधिक शिक्षक निलंबित हैं। अब विभाग इन सभी प्रकरणों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर पात्र मामलों में बहाली और उसके बाद पदस्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इससे एक ओर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर उपलब्ध मानव संसाधन का बेहतर उपयोग हो सकेगा।