

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की शासकीय भर्तियों को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से नई भर्ती व्यवस्था लागू कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत भर्ती प्रक्रिया में कई अहम बदलाव किए गए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाना है।
नई व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय ही यह तय करना होगा कि वे किस पद और किस विभाग में नियुक्ति चाहते हैं। आवेदन जमा होने के बाद पद या विभाग की प्राथमिकता में किसी भी प्रकार का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता बनी रहेगी।
नई भर्ती प्रणाली में पहली बार लिखित परीक्षा के बाद मॉडल उत्तर (मॉडल आंसर) जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन माध्यम से आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। संबंधित आपत्तियों के निराकरण के बाद ही अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा। इससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है।
जिन पदों पर कौशल परीक्षा या शारीरिक दक्षता परीक्षा अनिवार्य होगी, वहां लिखित परीक्षा के आधार पर रिक्त पदों की संख्या से 15 गुना अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए बुलाया जाएगा। हालांकि अंतिम चयन में स्किल टेस्ट या फिजिकल टेस्ट के अंक शामिल नहीं किए जाएंगे। इन्हें केवल पात्रता यानी पास या फेल के आधार पर माना जाएगा।
अंतिम मेरिट सूची लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों, आरक्षण नियमों और आवेदन के समय अभ्यर्थी द्वारा दी गई पद प्राथमिकता के आधार पर तैयार की जाएगी। इससे चयन प्रक्रिया पूर्व निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी की जाएगी।
नई भर्ती व्यवस्था में प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। अंतिम चयन सूची जारी होने के बाद यदि कोई अभ्यर्थी नियुक्ति नहीं लेता है, तो उसी भर्ती प्रक्रिया से किसी अन्य अभ्यर्थी को मौका नहीं मिलेगा।
चयनित अभ्यर्थियों को 15 दिनों के भीतर अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। यदि दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान कोई त्रुटि मिलती है तो निर्धारित समय में दावा प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद 30 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी चयन मंडल प्रत्येक वर्ष अगस्त माह में भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करेगा। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को पहले से परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और आधार आधारित प्रोफाइल बनाकर ही आवेदन करना अनिवार्य रहेगा।