
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून के तीन महीने पूरे होने के बाद बारिश का वितरण असमान बना हुआ है। एक जून से तीन सितंबर तक प्रदेश में औसतन 944.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 962.6 मिलीमीटर है। इस तरह पूरे प्रदेश में मौसमी बारिश सामान्य से केवल 2 प्रतिशत कम रही, लेकिन जिलावार आंकड़ों में कहीं अत्यधिक बारिश तो कहीं गंभीर कमी देखने को मिली है।
राजधानी रायपुर इस मानसून सीजन में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल रहा। यहां अब तक 1027.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 852 मिलीमीटर है। यानी राजधानी में 21 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई।
इसी तरह बलरामपुर में सबसे अधिक 1433.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य 820 मिलीमीटर से 75 प्रतिशत ज्यादा है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 44 प्रतिशत, मुंगेली में 32 प्रतिशत, बालोदाबाजार और नारायणपुर में 23-23 प्रतिशत, महासमुंद में 20 प्रतिशत, जांजगीर में 17 प्रतिशत, मनेंद्रगढ़-भरतपुर में 16 प्रतिशत तथा गरियाबंद में 14 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।
जहां कुछ जिलों में मानसून मेहरबान रहा, वहीं चार जिलों में बारिश की बड़ी कमी चिंता का विषय बनी हुई है। बेमेतरा में केवल 536.7 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 881.3 मिलीमीटर है। यहां 39 प्रतिशत कमी दर्ज की गई। सुरगुजा में 621.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 37 प्रतिशत कम रही।
कांकेर में 725.1 मिलीमीटर वर्षा के मुकाबले सामान्य आंकड़ा 1131.2 मिलीमीटर है, जिससे यहां 36 प्रतिशत कमी दर्ज हुई। वहीं जशपुर में भी सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश हुई। इसके अलावा कबीरधाम और कोंडागांव में 19-19 प्रतिशत, जबकि दुर्ग में 16 प्रतिशत कमी दर्ज की गई।
रायपुर के पड़ोसी धमतरी जिले में 923.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य 886.6 मिलीमीटर से 4 प्रतिशत अधिक है।
वहीं बिलासपुर में 940.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 6 प्रतिशत ज्यादा रही। दूसरी ओर दुर्ग में 695.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई, जो सामान्य से 16 प्रतिशत कम है। बस्तर में 863.4 मिलीमीटर बारिश हुई और यहां कमी 12 प्रतिशत रहने के बावजूद स्थिति सामान्य श्रेणी में दर्ज की गई।
धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण जलाशयों में पानी की आवक बढ़ गई है। गंगरेल बांध अपनी कुल क्षमता का 97.40 प्रतिशत भर चुका है। जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए बांध के तीन गेट खोलकर 4,670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
इसमें 3,360 क्यूसेक पानी महानदी में और 1,410 क्यूसेक रुद्री बैराज के माध्यम से मुख्य नहर में छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा मुरुमसिल्ली जलाशय 98.61 प्रतिशत, दुधावा 86.86 प्रतिशत और सोंढूर जलाशय 69.25 प्रतिशत भर चुका है। महानदी के तटीय और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है।
प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सरगुजा जिले के एक-दो क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा हुई।
सबसे अधिक बारिश पोंडी बचरा में 140 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा कुसमी में 80 मिलीमीटर, दौरा कोचली में 60 मिलीमीटर, जबकि राजपुर, बिलासपुर, सूरजपुर और रामचंद्रपुर में 50-50 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, तीन सितंबर को भी प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना बनी हुई है।